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मार्केट में 10% की और गिरावट पर मिलेगा शानदार मौका, रामदेव अग्रवाल ने दिया तगड़े रिटर्न का हिंट

Strategy amid Market Big Sell-off: मार्केट में इस समय बिकवाली की आंधी ने निवेशकों को परेशान कर दिया है। किसी को भी नहीं पता कि यह कब तक होगा और दिग्गज निवेशक रामदेव अग्रवाल का भी कहना है कि कोई भी निवेशक सटीक रूप से बाजार का बॉटम नहीं बता सकता लेकिव मौजूदा गिरावट के चलते वैल्यूएशन धीरे-धीरे आकर्षक होते जा रहे हैं। रामदेव अग्रवाल से जानिए कि ऐसे मार्केट में क्या स्ट्रैटेजी होनी चाहिए

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 15, 2026 पर 10:04 AM
मार्केट में 10% की और गिरावट पर मिलेगा शानदार मौका, रामदेव अग्रवाल ने दिया तगड़े रिटर्न का हिंट
रामदेव अग्रवाल का कहना है कि मार्केट अगर मौजूदा लेवल से 10% और गिरता है, तो अगले पांच वर्षों में रिटर्न सालाना करीब 17–18% तक पहुंच सकता है।

Strategy amid Market Big Sell-off: भारतीय स्टॉक मार्केट में इस समय हाहाकार मचा हुआ है। निवेशक घबराए हुए हैं। वहीं मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और को-फाउंडर रामदेव अग्रवाल के मुताबिक मार्केट की तेज गिरावट वास्तव में लॉन्ग-टर्म निवेशकों के रिटर्न को मजबूत कर सकती है। उन्होंने ये बातें मनीकंट्रोल ग्लोबल वेल्थ समिट में कही। उन्होंने कहा कि अगर मार्केट मौजूदा लेवल से 10% और गिरता है, तो अगले पांच वर्षों में रिटर्न सालाना करीब 17–18% तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बाजार की तेज गिरावटों के बाद मजबूत लॉन्ग-टर्म कंपाउंडिंग साइकिल आई है। कोरोना महामारी के बाद अगले वर्षों में मार्केट ने करीब 21-22% का कंपाउंडेड रिटर्न दिया।

उन्होंने कहा कि इस तरह के समय में यदि निवेशक अच्छी कंपनियों का सही पोर्टफोलियो बनाते हैं, तो रिटर्न और भी अधिक हो सकता है। ऐसे समय में चुनी हुई कंपनियों का पोर्टफोलियो 30–35% तक का रिटर्न भी दे सकता है।

निवेश के लिए अपनाएं यह स्ट्रैटेजी

रामदेव अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि लंबी अवधि के निवेश का मतलब यह नहीं है कि किसी स्टॉक को हमेशा के लिए पकड़े रखा जाए। उनका कहना है कि कंपनियां भी इंसानों की तरह ग्रोथ, मेच्योरिटी और गिरावट के अलग-अलग चरणों से गुजरती हैं इसलिए निवेशकों को उन कंपनियों में निवेश बनाए रखना चाहिए जो तेजी से बढ़ने के चरण में हों। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में एसेट्स बनाने के लिए जरूरी है कि मजबूत कंपनियों को शुरुआती चरण में पहचाना जाए और उनकी ग्रोथ अवधि के दौरान निवेश बनाए रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सफल निवेश को बहुत जल्दी बेच देने से कंपाउंडिंग का फायदा कम हो जाता है।

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