'25 दिन में ही मार्केट खत्म हो जाएगा अगर...', हाहाकार के बीच मधुसूदन केला ने राकेश झुनझुनवाला की इस स्ट्रैटेजी का किया जिक्र

Stock Market Strategy amid big sell-off: घरेलू स्टॉक मार्केट में इस समय बिकवाली का भारी दबाव है। निवेशक घबराए हुए हैं लेकिन दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला बिल्कुल नहीं घबराए हुए हैं। उनका कहना है कि 1000 प्वाइंट्स की गिरावट होती रही तो 25 दिनों में मार्केट ही खत्म हो जाएगा। मधुसूदन केला ने राकेश झुनझुनवाला की एक खास स्ट्रैटेजी का जिक्र भी किया

अपडेटेड Mar 15, 2026 पर 9:57 AM
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Stock Market Strategy amid big sell-off: मधुसूदन केला ने दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला के नजरिए को याद किया जो तेज उटा-पटक वाले बाजारों में धैर्य रखने पर जोर देते थे।

Global Wealth Summit 2026: दिग्गज निवेशक और एमके वेंचर्स के फाउंडर मधुसूदन केला का कहना है कि स्विंग मार्केट यानी बाजार में तेज उतार-चढ़ाव से निवेशकों को हैरान नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि तेज गिरावट हमेशा के लिए जारी भी नहीं रह सकती। मनीकंट्रोल के ग्लोबल वेल्थ समिट में बोलते हुए एक उदाहरण से उन्होंने मार्केट को लेकर समझाया कि बाजार क्यों लगातार नहीं गिर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर मार्केट हर दिन 1,000 प्वाइंट्स गिरता रहे, तो 25 दिनों में मार्केट ही नहीं बचेगा। मधुसूदन केला का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया भर के बाजारों में तेज उठा-पटक है और निवेशक वैश्विक तनाव, एनर्जी से जुड़ी चिंताओं, अनिश्चित आर्थिक संकेतों से जूझ रहे हैं।

तैयार निवेशकों के लिए वोलैटिलिटी मौका

मधुसूदन केला का कहना है कि तनाव के समय बाजार कमजोर दिख सकता है, लेकिन धैर्य और अनुशासन रखने वाले निवेशकों के लिए अक्सर मौके बनते हैं। उनका कहना है कि जल्दबाजी में कोई फैसले लेने की बजाय तब तक इंतजार करना चाहिए जब तक बाजार निगेटिव खबरों को नजरअंदाज करना शुरू न कर दे। उन्होंने कहा कि भाव में उतार-चढ़ाव निवेश का स्वाभाविक हिस्सा है तो ऐसे में निवेशकों को इससे डरने की बजाय इसे स्वीकार करना सीखना चाहिए।


उन्होंने कहा कि जब किसी स्थिति का अंत नजर नहीं आता, तब घबराहट बढ़ती है लेकिन कुछ समय बाद वही चीज अवसर जैसी दिखने लगती है जैसे कि वर्ष 2008 का वैश्विक आर्थिक संकट और कोरोना महामारी। मधुसूदन केला के मुताबिक जो निवेशक ऐसे समय मार्केट में बने रहे और मौके तलाशते रहे, वह समय के साथ अच्छे रिटर्न हासिल कर पाए।

सिर्फ भाव नहीं, रिस्क-रिवार्ड पर भी करें फोकस

मधुसूदन केला का कहना है कि सिर्फ शेयरों के भाव को ही नहीं देखना चाहिए बल्कि रिस्क-रिवार्ड बैलेंस पर भी फोकस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेशकों को यह देखना चाहिए कि क्या ₹10 के निवेश पर ₹20 मिल सकते है, इसी रिस्क-रिवार्ड पर फोकस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही कंपनी चुनना जितना अहम है, उतना ही सही इंडस्ट्री साइकिल पहचानना भी है। उन्होंने कहा कि अगर सही समय पर अच्छी इंडस्ट्री को पकड़ लिया जाए तो एक औसत कंपनी भी अच्छा पैसा कमा कर दे सकती है।

मधुसूदन केला के मुताबिक निवेशकों को ऐसे सेक्टर ढूंढने चाहिए जो अभी विकास के शुरुआती चरण में हों। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में वह किसी ऐसी इंडस्ट्री पर दांव लगाना पसंद करेंगे जो अपने पहले दिन की शुरुआत जैसा हो, और उसमें एक अच्छी कंपनी चुनेंगे। मौजूदा स्थिति में उनका मानना है कि एनर्जी सिक्योरिटी ऐसी थीम है जो भारत में एक बड़ा निवेश विषय बन सकता है।

Rakesh Jhunjhunwala से क्या लें सीख?

मधुसूदन केला ने दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला के नजरिए को याद किया जो तेज उटा-पटक वाले बाजारों में धैर्य रखने पर जोर देते थे। उन्होंने कहा कि अगर राकेश झुनझुनवाला आज होते, तो वह हमें शांत बैठने के लिए कहते लेकिन वे बाजार के टर्निंग प्वाइंट को पकड़ने की कोशिश कोशिश जरूर करते। उन्होंने झुनझुनवाला की सलाह भी दोहराई कि खरीदने से पहले 20 बार सोचो और बेचने से पहले 50 बार सोचो।

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