Railway Stocks: केंद्र सरकार ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने करीब ₹20,804 करोड़ के 8 रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।

Railway Stocks: केंद्र सरकार ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने करीब ₹20,804 करोड़ के 8 रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।
इन प्रोजेक्ट्स का मकसद रेलवे की लाइन क्षमता बढ़ाना है। इससे ट्रैक पर भीड़ कम होगी। ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा। कई राज्यों में कनेक्टिविटी भी सुधरेगी।
₹10,783 करोड़ के तीन प्रोजेक्ट
कैबिनेट ने ₹10,783 करोड़ के तीन मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इनमें खड़गपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं।
इन प्रोजेक्ट्स से करीब 656 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क बढ़ेगा। ये 14 जिलों से होकर गुजरेंगे। करीब 4,790 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इससे करीब 56 लाख लोगों को फायदा हो सकता है।
दक्षिण भारत में ₹10,021 करोड़ खर्च होंगे
कैबिनेट ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के लिए पांच और प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं। इन पर करीब ₹10,021 करोड़ खर्च होंगे।
इनमें अरक्कोनम-रेनिगुंटा तीसरी और चौथी लाइन, व्हाइटफील्ड-बंगारपेट तीसरी और चौथी लाइन, होसुर-ओमलूर डबलिंग, सलेम-करूर-दिंडीगुल डबलिंग और सिकंदराबाद (घाटकेसर)-काजीपेट मल्टी-ट्रैकिंग शामिल हैं।
किन रेलवे स्टॉक्स को फायदा हो सकता है?
रेलवे पर सरकार के बढ़ते खर्च से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और वैगन से जुड़ी कंपनियों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, इन आठ प्रोजेक्ट्स के लिए अभी किसी कंपनी को सीधे ऑर्डर मिलने की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन, बिजनेस मॉडल के हिसाब से ये तगड़े उम्मीदवार हैं।
RVNL
सरकारी रेल कंपनी RVNL रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। नई रेलवे लाइन, लाइन डबलिंग और मल्टी-ट्रैकिंग जैसे कामों में कंपनी की मौजूदगी है। रेलवे के बढ़ते कैपेक्स से कंपनी के लिए नए ऑर्डर के मौके बन सकते हैं।
IRCON International
IRCON भी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी है। रेलवे लाइन, ब्रिज, टनल और इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे काम कंपनी के कारोबार का हिस्सा हैं। नए मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स से कंपनी को काम मिलने की संभावना पर बाजार की नजर रह सकती है।
Titagarh Rail Systems
टीटागढ़ रेल सिस्टम्स रेलवे वैगन और दूसरे रेल सिस्टम बनाती है। इन प्रोजेक्ट्स से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी। इससे आगे चलकर वैगन की मांग को सपोर्ट मिल सकता है।
Jupiter Wagons
जुपिटर वैगंस भी रेलवे वैगन बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कोयला, सीमेंट, स्टील और कंटेनर जैसी चीजों की माल ढुलाई बढ़ने पर वैगन की जरूरत बढ़ सकती है। इससे कंपनी को फायदा मिलने की संभावना है।
Texmaco Rail
प्राइवेट सेक्टर की Texmaco Rail का कारोबार भी रेलवे वैगन और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है। माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने पर वैगन की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में रेलवे के बढ़ते निवेश से कंपनी फोकस में रह सकती है।
रेलवे स्टॉक्स में क्यों आ सकती है हलचल?
इन प्रोजेक्ट्स से रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी। माल ढुलाई भी बढ़ने की उम्मीद है। इससे रेलवे से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और वैगन कारोबार को फायदा मिल सकता है।
इसके अलावा ये प्रोजेक्ट PM-Gati Shakti National Master Plan के तहत तैयार किए गए हैं। इनका फोकस बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर है।
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