Railway Stocks: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने टीटागढ़ रेल सिस्टम्स (Titagarh Rail Systems) और जुपिटर वैगन्स (Jupiter Wagons) की कवरेज शुरू की है। इसका असर आज इनके शेयरों पर भी दिखा। चूंकि टीटागढ़ रेल सिस्टम्स को जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी है तो इसके शेयर उछल पड़े और फिलहाल बीएसई पर 1.69% की बढ़त के साथ ₹625.40 के भाव पर है। वहीं जुपिटर वैगव्स को जेफरीज ने अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी है तो इसके शेयरों को झटका लगा और फिलहाल बीएसई पर यह 0.66% की गिरावट के साथ ₹254.80 पर है। ओवरऑल बात करें तो टीटागढ़ रेल को कवर करने वाले 12 एनालिस्ट्स में से 11 ने खरीदारी की रेटिंग दी है और एक ने होल्ड तो जुपिटर वैगन्स को कवर करने वाले छह एनालिस्ट्स में से दो ने इसे खरीदारी, तीन ने होल्ड और एक ने सेल रेटिंग दी है।
रेलवे सेक्टर को लेकर क्या है Jefferies का कैलकुलेशन
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज को उम्मीद है कि भारत में रोलिंग स्टॉक पर कैपिटल एक्सपेंडिचर वित्त वर्ष 2026-2030 में सालाना 10% की रफ्तार से बढ़ेगा। इसे पैसेंजर कोच की सालाना 9% और मेट्रो कोच की 16% ग्रोथ से सपोर्ट मिलेगा। इस दौरान वैगनों में 5% के सीएजीआर से बढोतरी का अनुमान है। जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान माल ढुलाई में सालाना सिर्फ 6% की रफ्तार से बढ़ोतरी का अनुमान है, जो रेलवे के 16% के लक्ष्य से काफी कम है।
क्या है Titagarh Rail और Jupiter Wagons का टारगेट प्राइस?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने टीटागढ़ रेल (Titagarh Rail) की खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है तो जुपिटर वैगन्स (Jupiter Wagons) की अंडरपरफॉर्म रेटिंग के साथ। 6 अप्रैल के अपने नोट में जेफरीज ने टीटागढ़ रेल का टारगेट प्राइस ₹810 तो जुपिटर वैगन्स का ₹200 फिक्स किया है।
Titagarh Rail पर ब्रोकरेज क्यों बुलिश?
जेफरीज का अनुमान है कि यात्रियों और मेट्रो कोचों की बढ़ती मांग से टीटागढ़ रेल को फायदा मिलेगा। जेफरीज के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-30 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 35% और ईपीएस (प्रति शेयर कमाई) 43% की रफ्तार से बढ़ सकता है जिसे अगले पांच साल में इसके पैसेंजर सेगमेंट रेवेन्यू में 14 गुना बढ़ोतरी और मजबूत ऑर्डर बुक से सपोर्ट मिलेगा। साथ ही जेफरीज को यह भी उम्मीद है कि टेक्नोलॉजी वैल्यू चेन के ऊपर जाने पर इसके पैसेंजर सेगमेंट मार्जिन में 1.4 पर्सेंटेंज प्वाइंट्स का सुधार दिख सकता है। हालांकि मौजूदा ऑर्डर बुक के समाप्त होने के बाद सीमित वैगन बिजनेस, कमजोर एग्जीक्यूशन और पैसेंजर कोच सेगमेंट में चाइनीज कंपनियों की एंट्री से इसके शेयरों को लेकर अहम रिस्क हैं।
जेफरीज को जुपिटर वैगन्स की तुलना में टीटागढ़ रेल अधिक पसंद है क्योंकि ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2030 तक जुपिटर वैगन्स का ईपीएस (प्रति शेयर कमाई) सिर्फ 23% की रफ्तार से बढ़ सकता है तो टीटागढ़ 43% की रफ्तार से। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि वैगन बिजनेस में अधिक हिस्सेदारी के चलते जुपिटर वैगन्स की ईपीएस ग्रोथ टीटागढ़ की तुलना में धीमी होगी। ब्रोकरेज फर्म को टीटागढ़ की तुलना में जुपिटर वैगन्स का वैल्यूएशन अधिक महंगा दिख रहा है।
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