Metal Stocks : मेटल स्टॉक्स में गिरावट का डर, राकेश अरोड़ा बोले- अब तेजी आते ही करें मुनाफावसूली
Metal Stocks : मेटल शेयरों में आई हालिया तेजी ज्यादा दिनों तक टिकेगी या नहीं? GoIndiaStocks.com के फाउंडर राकेश अरोड़ा का कहना है कि मजबूत तिमाही नतीजों के बाद आई उछाल में मुनाफावसूली करना बेहतर हो सकता है। जानिए एल्युमिनियम, स्टील, कॉपर और वेदांता को लेकर क्या है पूरी राय।
राकेश अरोड़ा स्टील सेक्टर को लेकर भी ज्यादा उत्साहित नहीं हैं।
Metal Stocks : अगर हाल के दिनों में मेटल शेयरों में तेजी देखकर आप खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा रुक जाइए। GoIndiaStocks.com के फाउंडर राकेश अरोड़ा का मानना है कि मेटल स्टॉक्स के अच्छे दिन खत्म होने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि फिलहाल मेटल शेयरों में नई खरीदारी करने के बजाय मुनाफा वसूलने पर विचार करना चाहिए।
उनके मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे मेटल कंपनियों के लिए अच्छे रह सकते हैं। लेकिन बाजार पहले ही इसकी उम्मीद लगा चुका है। यानी अच्छी खबर का असर काफी हद तक शेयरों की कीमतों में दिख चुका है। आने वाले महीनों में कमोडिटी की कीमतें नरम पड़ सकती हैं। ऐसे में कंपनियों की कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।
Q1 नतीजों से पहले आ सकती है थोड़ी तेजी
राकेश अरोड़ा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मेटल शेयर 20% से 30% तक टूटे थे। इसलिए मजबूत जून तिमाही नतीजों से पहले इनमें थोड़ी तेजी या रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्हें नहीं लगता कि ये शेयर इतनी जल्दी अपने पुराने हाई पर पहुंच जाएंगे।
एल्युमिनियम कंपनियों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता
राकेश अरोड़ा की सबसे बड़ी चिंता एल्युमिनियम सेक्टर को लेकर है। उनका कहना है कि कई ब्रोकरेज और एनालिस्ट अब भी अपने अनुमान में एल्युमिनियम का भाव करीब 3,200 डॉलर प्रति टन मान रहे हैं। लेकिन उनकी राय इससे अलग है।
उन्हें लगता है कि मिडिल ईस्ट और इंडोनेशिया से नई सप्लाई आने वाली है। इससे बाजार में एल्युमिनियम की उपलब्धता बढ़ेगी। ऐसे में कीमत घटकर करीब 2,600 डॉलर प्रति टन तक आ सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो एल्युमिनियम कंपनियों की कमाई के अनुमान घटाने पड़ेंगे। इसका सीधा असर शेयरों पर भी दिख सकता है।
स्टील सेक्टर पर भी बहुत भरोसा नहीं
राकेश अरोड़ा स्टील सेक्टर को लेकर भी ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। उनका कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में स्टील कंपनियों के नतीजे अच्छे आ सकते हैं। Vedanta जैसी कंपनियां भी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन स्टील की कीमतें अब अपना पीक देख चुकी हैं।
एक तरफ चीन से स्टील का निर्यात बढ़ रहा है। दूसरी तरफ भारत की कंपनियां तेजी से उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे बाजार में सप्लाई ज्यादा हो सकती है। अगर सप्लाई बढ़ी, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आएगा।
इसी वजह से उनका मानना है कि स्टील शेयरों में अभी और गिरावट आ सकती है। हालांकि, वैल्यूएशन के लिहाज से ये एल्युमिनियम कंपनियों के मुकाबले सस्ते जरूर हैं।
वेदांता के आयरन और स्टील को लेकर क्या कहा?
हाल ही में Vedanta के डीमर्जर के बाद बने Vedanta Iron & Steel के कारोबार पर भी राकेश अरोड़ा ने अपनी राय रखी। उनका कहना है कि आयरन और स्टील कारोबार में होने वाले विस्तार का फायदा शेयर पहले ही कीमत में जोड़ चुका है। इसलिए यहां बहुत ज्यादा तेजी की गुंजाइश नहीं बची है।
वहीं, ग्रुप के ऑयल एंड गैस कारोबार में उन्हें कुछ वैल्यू नजर आती है। लेकिन, रेगुलेटरी चिंताओं की वजह से यह फिलहाल हाई-रिस्क निवेश है। यह वैल्यू ट्रैप भी साबित हो सकता है।
कॉपर सेक्टर पर भी दी चेतावनी
राकेश अरोड़ा मानते हैं कि लंबे समय में कॉपर की मांग अच्छी रह सकती है। लेकिन फिलहाल उन्हें कॉपर कंपनियों के शेयर महंगे लग रहे हैं।
उनका कहना है कि बाजार रिसाइकल्ड कॉपर की बढ़ती सप्लाई को गंभीरता से नहीं ले रहा। अगर रिसाइकल्ड कॉपर की उपलब्धता बढ़ती रही, तो कॉपर की कीमतों पर दबाव आ सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
राकेश अरोड़ा की सलाह है कि अगर मजबूत जून तिमाही नतीजों की वजह से मेटल शेयरों में तेजी आती है, तो उसे नई खरीदारी का संकेत मत मानिए। उनके मुताबिक, यह तेजी मुनाफावसूली का मौका हो सकती है।
हालांकि, उन्होंने एक बात और कही। अगर अमेरिकी डॉलर लगातार कमजोर होता है, तो वैश्विक कमोडिटी कीमतों को सहारा मिल सकता है। ऐसे में बेस मेटल्स का आउटलुक बेहतर हो सकता है। यही एक बड़ा फैक्टर है, जो उनके मौजूदा नजरिए को बदल सकता है।
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