Rapid Fleet IPO Listing: लॉजिस्टिक्स सर्विसेज मुहैया कराने वाली रैपिड फ्लीट के शेयरों की आज NSE SME पर मामूली प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ की बात करें तो खुदरा निवेशकों ने भी खास दिलचस्पी नहीं दिखाई थी और उनके लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। आईपीओ के तहत 192 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 195.00 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 1.56 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Rapid Fleet Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 203.75 रुपये (Rapid Fleet Share Price) पर पहुंच गया। दिन के आखिरी में यह 200.50 रुपये (Active Infrastructures Share Price) पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 4.43 फीसदी मुनाफे में हैं।
Rapid Fleet IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
रैपिड फ्लीट मैनेजमेंट सर्विसेज का ₹43.87 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21-25 मार्च तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल यह 1.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.07 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 4.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.81 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 22,84,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से 13 करोड़ रुपये गाड़ियों की खरीदारी, 19.12 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
वर्ष 2006 में बनी रैपिड फ्लीट मैनेजमेंट बी2बी और बी2सी लॉजिस्टिक्स और रोड ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज मुहैया कराती है। अभी इसके बेड़े में 200 से अधिक गाड़ियां हैं। यह एफएमसीजी, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर्स को सर्विसेज देती है। कंपनी का खुद का मोबाइल ऐप भी है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2022 में इसे 3.4 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 4.71 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 8.07 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव रहा। वित्त वर्ष 2022 में इसे 114.02 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023 में 106.03 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 116.32 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2024 में इसे 7.01 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 87.39 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।