Ratnaveer IPO Listing: स्टेनलेस स्टील कंपनी रत्नवीर प्रिसिशन इंजीनियरिंग (Ratnaveer Precision Engineering) के शेयरों की आज मार्केट में धांसू एंट्री हुई है। इसके आईपीओ को भी शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 94 गुना भरा था। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर 98 रुपये के भाव पर जारी हुए हैं। बीएसई पर आज इसके सफर की शुरुआत 128 रुपये के भाव पर हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 30.61 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Ratnaveer Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद भी शेयरों की तेजी नहीं थमी। फिलहाल यह 130.30 रुपये के भाव (Ratnaveer Share Price) पर ट्रेड कर रहा है यानी कि आईपीओ निवेशक करीब 33 फीसदी मुनाफे में हैं।
Ratnaveer Precision IPO को कैसा मिला था रिस्पांस
रत्नवीर प्रिसिशन का 165.03 करोड़ रुपये का आईपीओ 4-6 सितंबर तक खुला था। इस इश्यू को निवेशकों को शानदार रिस्पांस मिला था और यह 93.99 गुना भरा था। इसमें से क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 133.05 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का 135.21 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 54 गुना भरा था। आईपीओ के जरिए 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 135.24 करोड़ रुपये के 1.38 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं और बाकी 30.40 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल के तहत प्रमोटर विजय रमनलाल सांघवी ने शेयर बेचे हैं। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
इस कंपनी के गुजरात में चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। एक यूनिट में यह फिनिशिंग शीट, वॉशर और सोलर माउंटिंग हुक और दूसरे यूनिट में एसएस पाइप और ट्यूब बनाती है। तीसरे और चौथे यूनिट का इस्तेमाल बैकवर्ड इंटीग्रेशन प्रोसेस के लिए किया जाता है। इसमें तीसरा मेल्टिंग यूनिट है और चौथा रोलिंग यूनिट है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2022 में इसे सालाना आधार पर 18.7 फीसदी अधिक 9.5 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट मिला था। इसी अवधि में रेवेन्यू 74.6 फीसदी बढ़कर 426.9 करोड़ रुपये हो गया। अब पिछले वित्त वर्ष 2023 की बात करें तो शुरुआती पांच महीने यानी अप्रैल से अगस्त में इसे 169.5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 8.9 करोड़ रुपये का प्रॉफिट मिला। इसका 77 फीसदी रेवेन्यू घरेलू कारोबार से आता है और बाकी निर्यात से।
रत्नवीर में निवेश को लेकर क्या हैं रिस्क
रत्नवीर में निवेश को लेकर रिस्क की बात करें तो स्टील के भाव मार्केट की डिमांड और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर हैं तो इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव का रत्नवीर की स्थिति पर सीधे असर दिखेगा। एक और बड़ा रिस्क ये है कि इसका ज्यादातर रेवेन्यू कुछ ही ग्राहकों से आता है और घरेलू बिक्री की बात करें तो ज्यादातर यह पश्चिमी और उत्तरी जोन से है। एक रिस्क तो इसकी वित्तीय सेहत को लेकर है कि ऑपरेटिंग, इनवेस्टिंग और फाइनेंसिंग एक्टिविटीज के मामले में पिछले तीन वित्त वर्षों में इसका कैश फ्लो निगेटिव रहा है और अगर आगे भी ऐसी स्थिति रहती है तो इसके कारोबार और वित्तीय सेहत को झटका लग सकता है।
इसके अलावा रत्नवीर जिस प्रकार के कारोबार में है, उसमें वर्किंग कैपिटल की जरूरत अधिक है और यह हाई वॉल्यूम-लो मार्जिन वाला कारोबार है। वहीं यह जिस इंडस्ट्री में है, उसमें कॉम्पटीशन काफी अधिक है और नई कंपनियों की एंट्री को लेकर कोई ताम-झाम नहीं है यानी कि एंट्री के लिए लो बैरियर है।