शेयर बाजार में लगातार गिरावट के बीच भी कुछ ऐसे शेयर हैं, जिन्होंने निवेशकों का पैसा कई गुना किए हैं। इनमें एक नाम रेमंड का है। रेमंड का शेयर 15 सितंबर को रॉकेट बन गया। 1:45 बजे शेयर का प्राइस 7.56 फीसदी 1,078.40 रुपये पर चल रहा था। खास बात यह है कि इस शेयर ने सिर्फ छह महीनों में निवेशकों का पैसा तीन गुना कर दिया है।
सिर्फ छह महीनों में निवेशकों का पैसा तीन गुना
Raymond के शेयर का प्राइस इस साल 16 मार्च को 351.85 रुपये है। आज प्राइस 1,078 रुपये चल रहा है। इसका मतलब है कि अगर आपने छह महीने पहले इस शेयर में 1 लाख रुपये निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 3 लाख रुपये से ज्यादा हो गया होता। 15 सितंबर को यह शेयर 52 हफ्ते के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया।
एयरोस्पेस सब्सिडियरी को ऑर्डर मिलने से शेयर बने रॉकेट
रेमंड के शेयरों में तेजी की वजह कंपनी की एयरोस्पेस इकाई को मिला एक ऑर्डर है। कंपनी ने पिछले हफ्ते शुक्रवार यानी 11 सितंबर को इस ऑर्डर के बारे में बताया था। उसने कहा था कि उसकी सब्सिडियरी को जो ऑर्डर मिला है, उसमें सालाना करीब 33 करोड़ रुपये का बिजनेस शामिल होगा।
मंगलवार को बाजार खुलने पर शेयरों पर दिखा असर
एनालिस्ट्स ने कहा था कि 15 सितंबर को यानी मंगलवार को शेयर बाजारों के खुलने पर रेमंड के शेयरों पर इस ऑर्डर का असर दिखेगा। सोमवार यानी 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर शेयर बाजार बंद थे। इसलिए 15 सितंबर को कंपनी के शेयरों पर ऑर्डर का असर दिखा।
कंपनी की सब्सिडियरी के बिजनेस को मिलेगी मजबूती
कंपनी के ग्रुप चीफ फाइनेंशियलस अफसर राकेश तिवारी ने कहा कि यह ऑर्डर कंपनी की प्रोडक्ट मिक्स ऑप्टिमाइजेशन स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। इससे सब्सिडियरी के बिजनेस को अगले कई सालों तक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस ऑर्डर से मशीनिंग, कास्टिंग्स, स्ट्रक्चर्स और एंसेंबलीज से जुड़ी कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का पता चलता है।
11 सितंबर को भी शेयरों में आई थी बड़ी तेजी
Raymond के शेयरों में 11 सितंबर को भी जबर्दस्त तेजी दिखी थी। शेयर 17 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 1,002.80 रुपये पर बंद हुआ था। सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बढ़ाया है। खासकर स्ट्रेटेजिक सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार का ज्यादा जोर है। इससे इस सेगमेंट की कंपनियों के लिए बिजनेस के बड़े मौके दिख रहे हैं।
शेयर बाजार में कमजोर सेंटिमेंट के बावजूद शेयरों में तेजी
रेमंड के शेयरों में तब जबर्दस्त तेजी जारी है, जब शेयर बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। बीते हफ्ते भी शेयर बाजारों में बड़ी कमजोरी दिखी। यह लगातार पांचवां हफ्ता था, जब शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक गिरकर बंद हुए थे। 15 सितंबर को भी बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा