IndusInd Bank को लेकर बड़ी खबर, आरबीआई ने प्राइवेट सेक्टर से नया CEO लाने का दिया निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) को संकेत दिया है कि अपने नए सीईओ के लिए प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर से किसी ऐसे अनुभवी उम्मीदवार की तलाश करे, जो अभी भी सेवा में हो। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब इंडसइंड बैंक का बोर्ड अपने नए सीईओ के तलाश प्रक्रिया को शुरू करने के लिए जल्द ही बैठक करने वाला है

अपडेटेड Mar 28, 2025 पर 10:44 AM
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) को संकेत दिया है कि अपने नए सीईओ के लिए प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर से किसी ऐसे अनुभवी उम्मीदवार की तलाश करे, जो अभी भी सेवा में हो। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब इंडसइंड बैंक का बोर्ड अपने नए सीईओ के तलाश प्रक्रिया को शुरू करने के लिए जल्द ही बैठक करने वाला है।

RBI की प्राथमिकता: अनुभवी निजी बैंकिंग पेशेवर

सूत्रों के मुताबिक, RBI किसी ऐसे भारतीय बैंकिंग पेशेवर को CEO बनते देखना चाहता है, जो भारत या विदेश में किसी प्राइवेट बैंक में अभी कार्यरत हो। RBI चाहता है कि इंडसइंड बैंक में व्यापक बदलाव हो। इसलिए उसने बोर्ड को बताया है कि 54-58 वर्ष की आयु वर्ग का उम्मीदवार सीईओ के लिए उपयुक्त होगा। बैंकिंग के विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव रखने वाला व्यक्ति को वरीयता मिलेगी।

एक अन्य सूत्र ने कहा, "ऐसा व्यक्ति जिसने ट्रेजरी में काम किया हो, फीस इनकम जेनरेशन के दबाव को संभाला हो, विभिन्न एसेट क्लास और डिपॉजिट्स के मैनेजमेंट को संभाल हो और ब्रांच ऑफिसों में काम के तरीके की जानकारी रखता हो, उसे प्राथमिकता दी जा सकती है।" उन्होंने कहा, "ऐसा व्यक्ति जो पूरी बैंकिंग इंडस्ट्री से टैलेंट को आकर्षित कर सके और प्रमोटर्स के साथ अच्छे संबंध बना सके, उसकी संभावना अधिक होगी।"


सरकारी बैंक से नियुक्ति की संभावना कम

इंडसइंड बैंक में हाल ही में हुए अकाउंटिंग विवाद के बाद यह अटकलें थीं कि RBI, यस बैंक और बंधन बैंक की तरह, किसी सरकारी बैंकिंग पेशेवर को CEO बना सकता है। लेकिन, सूत्रों के अनुसार, RBI इस विकल्प को प्राथमिकता नहीं दे रहा है। इंडसइंड बैंक को हिंदुजा ग्रुप प्रमोट करता है। यह 8 लाख करोड़ रुपये की बैलेंस शीट के साथ भारत का पांचवां सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है।

सूत्रों ने बताया कि RBI इस नियुक्ति के जरिए बैंक में एक नई सोच और स्थिरता लाना चाहता है। पहले भी ऐसे उदाहरण देखे जा चुके हैं। 2023 में जब उदय कोटक ने कोटक महिंद्रा बैंक के CEO पद से इस्तीफा दिया, तो RBI ने अशोक वासवानी को अमेरिका से लाकर बैंक का नेतृत्व सौंपा था। उन्होंने इससे पहले स्टैंडर्ड चार्टर्ड और बार्कलेज जैसे विदेशी बैंकों में काम किया था।

वहीं 2018 में जब एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा का कार्यकाल घटाकर एक साल किया गया, तो अमिताभ चौधरी को HDFC लाइफ इंश्योरेंस से लाकर CEO बनाया गया। अब वे तीसरे कार्यकाल में हैं।

ग्लोबल सर्च फर्म की मदद से तलाश

मनीकंट्रोल ने इस हफ्ते की शुरुआत में जारी एक रिपोर्ट में बताया था कि, Egon Zehnder और Korn Ferry जैसी ग्लोबल सर्च फर्म्स को इस प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, CEO चयन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर अगले सप्ताह शुरू होगी, लेकिन शुरुआती स्तर पर कुछ संभावित उम्मीदवारों से बातचीत हो चुकी है। हालांकि, अंतिम नाम अक्टूबर 2025 तक सामने आने की संभावना है।

क्या बोले मौजूदा CEO सुमंत कथपालिया?

10 मार्च को निवेशकों के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल में, मौजूदा CEO सुमंत कथपालिया ने बैंक में डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में हुई गड़बड़ी पर सफाई दी, जिससे बैंक को अगले तिमाही में लगभग ₹1,500 करोड़ का नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि RBI उनकी नेतृत्व शैली से पूरी तरह सहज नहीं है, इसलिए केंद्रीय बैंक ने उनके कार्यकाल को बोर्ड की तीन साल की मांग के बजाय सिर्फ एक साल तक बढ़ाया।

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