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RBI Policy : आरबीआई नीति के बाद ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील शेयरों में उतार-चढ़ाव, रियल्टी शेयरों में तेजी की उम्मीद

आरबीआई की नीति घोषणा के बाद, बीएसई बैंकेक्स और ऑटो इंडेक्स में शुरुआत में लगभग 0.6 फीसदी की गिरावट आई, लेकिन जल्द ही इनमें सुधार हुआ और अब सपाट कारोबार कर रहे थे। बीएसई रियल्टी इंडेक्स भी स्थिर दिख रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 08, 2024 पर 1:38 PM
RBI Policy : आरबीआई नीति के बाद ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील शेयरों में उतार-चढ़ाव, रियल्टी शेयरों में तेजी की उम्मीद
बैंकिंग शेयरों में केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में 0.5-1 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, ऑटो शेयरों में मारुति सुजुकी, टीवीएस मोटर्स, बजाज ऑटो और एमएंडएम में 0.5-1 फीसदीकी गिरावट आई

Rate sensitive stocks : भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न किए जाने के बाद बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। आरबीआई की नीति घोषणा के बाद, बीएसई बैंकेक्स और ऑटो इंडेक्स में शुरुआत में लगभग 0.6 फीसदी की गिरावट आई, लेकिन जल्दी ही इनमें सुधार हुआ और वे सपाट कारोबार कर रहे हैं। बीएसई रियल्टी इंडेक्स भी स्थिर दिख रहा है।

बैंकिंग शेयरों में केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में 0.5-1 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, ऑटो शेयरों में मारुति सुजुकी, टीवीएस मोटर्स, बजाज ऑटो और एमएंडएम में 0.5-1 फीसदीकी गिरावट आई। रियल्टी शेयरों में प्रेस्टीज एस्टेट में 2.4 फीसदी, सनटेक रियल्टी में 1.7 फीसदी और ओबेरॉय रियल्टी में 0.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इस बीच, शोभा में 1.3 फीसदी और गोदरेज प्रॉपर्टीज और मैक्रोटेक डेवलपर्स में 0.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विश्लेषकों का सुझाव है कि रेपो दरों को वर्तमान स्तरों पर बनाए रखने का आरबीआई का फैसला हाउसिंग मार्केट के पक्ष में है। इस फैसले से उधार लेने की लागत में बढ़त नहीं होगी जिससे घर खरीदारों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे घरों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। इससे खासकर अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट को ज्यादा फायदा होगा। हाल ही में फिर से मिला इंडेक्सेशन बेनिफिट टैक्स लाभ भी प्रदान करता है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो गया। इस सेक्टर में हमें मांग और पूंजी के प्रवाह में बढ़त देखने को मिल सकता है।

ब्लूमबर्ग के अर्थशास्त्री अभिषेक गुप्ता ने कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर पर यथास्थिति बनाए रखने और अपने आक्रामक रुख को बनाए रखने का निर्णय, मौद्रिक नीतियों में नरमी की जरूरत के पक्ष में मौजूद ढेर सारे साक्ष्यों की अनदेखी करता है। केंद्रीय बैंक इस समय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ की जरूरत को अनदेखा कर रहा है। ऐसे में एक गहरी मंदी का जोखिम बढ़ रहा है, जिसे ठीक होने में ज्यादा समय लगेगा।"

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