आरबीआई के लिए फिर से मुश्किल बढ़ गई है। इकोनॉमिक ग्रोथ में सुस्ती है, इनफ्लेशन बढ़ा है और वैश्विक स्थितियां चुनौतीपूर्ण दिख रहा है। केंद्रीय बैंक ने 6 दिसंबर को इन स्थितियों को ध्यान में रख अपनी मॉनेटरी पॉलिसी पेश की। इंटरेस्ट रेट में लगातार 11वीं बार कोई बदलाव नहीं किया। कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) 50 बेसिस प्वाइंट्स घटाने का ऐलान किया। सीआरआर 50 बेसिस प्वाइंट्स घटने से बैंकिंग सिस्टम में 1.2 लाख करोड़ रुपये आ जाएंगे। इससे लिक्विडिटी बढ़ेगी। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को एफसीएनआर अकाउंट्स के जरिए भी पैसे जुटाने को कहा है। इससे बैकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ेगी।
