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Financial markets: फाइनेंशियल मार्केट्स के ट्रेडिंग और सेटलमेंट टाइम में बदलाव चाहता है RBI, जानिए इसके फायदें

Financial markets News: रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2 मई को एक रिपोर्ट पेश की है। इसमें फाइनेंशियल मार्केट्स की ट्रेडिंग और सेटलमेंट टाइमिंग में बदलाव की सलाह दी गई है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि ग्लोबल ट्रेंड को देखते हुए मनी मार्केट, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स और फॉरेन एक्सचेंज की टाइमिंग में बदलाव जरूरी है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड May 05, 2025 पर 12:45 PM
Financial markets: फाइनेंशियल मार्केट्स के ट्रेडिंग और सेटलमेंट टाइम में बदलाव चाहता है RBI, जानिए इसके फायदें
केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट में लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) ऑक्शंस को भी जल्द यानी सुबह 9:30 बजे शुरू करने की सलाह दी गई है।

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फाइनेंशियल मार्केट्स की ट्रेडिंग और सेटलमेंट टाइमिंग में बदलाव की सलाह दी है। इसमें कॉल मनी मार्केट के लिए वक्त बढ़ाने की सलाह भी शामिल है। केंद्रीय बैंक ने इस बारे में 2 मई को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया है। दरअसल, आरबीआई ग्लोबल ट्रेंड्स को देखते हुए मनी मार्केट, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स और फॉरेन एक्सचेंज की टाइमिंग में बदलाव करना चाहता है। इसके लिए आरबीआई के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर राधा श्याम राठो के नेतृत्व में एक वर्किंग ग्रुप बनाया गया था। इसने इस बारे में स्टडी की है।

बढ़ती डिमांड को पूरी करने में मिलेगी मदद

सवाल है कि यह बदलाव मार्केट्स के लिए कितना फायदेमंद है? इस बदलाव से बैंकों, इनवेस्टर्स और दूसरे मार्केट पार्टिसिपेंट्स को ट्रेड और डील के सेटलमेंट के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा। इससे मार्केट को बढ़ती डिमांड को पूरी करने में आसानी होगी। इससे इंडियन बॉन्ड्स मार्केट में विदेशी निवेश भी बढ़ेगा।

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