Reciprocal tariffs : US टैरिफ से परेशान एक्सपोर्टर्स के साथ आज उद्योग मंत्री बड़ी बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में मौजूदा हालात से निपटने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। पूरी खबर बताते हुए सीएनबीसी-आवाज के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि US टैरिफ पर सरकार एक्शन मोड में हैं। आज उद्योग मंत्री की एक्सपोर्टर्स के साथ अहम बैठक होने वाली है। उद्योग मंत्री 3-5 बजे वाणिज्य भवन में एक्सपोर्टर्स के साथ इस मुद्दे पर मंथन करेंगे। इस बैठक में US टैरिफ से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी। एक्सपोर्टर्स के साथ चर्चा के बाद जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।
आज की इस अहम बैठक में वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी,विभिन्न एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिलों (EPCs) और फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
इस मुद्दे पर PMO, उद्योग, विदेश और वित्त मंत्रालय के बीच लगातार चर्चा जारी है। US के अलावा दूसरे देशों के कदमों पर भी सरकार की नजर है। इस मुद्दे से निपटने को लिए जल्द ही एक्सपोर्ट प्रोमोशन स्कीम (Export Promotion Scheme) लागू हो सकती है। जेम्स, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक और टेक्सटाइल के लिए नए बाजार खोजे जा सकते हैं।
एक काउंसिल के अधिकारी ने कहा कि एक्सपोर्टर अमेरिकी टैरिफ के संभावित नतीजों पर चिंता जता रहे हैं। इससे मांग प्रभावित हो सकती है और अंततः भारत के आउटबाउंड शिपमेंट पर असर पड़ सकता है। एक निर्यातक ने कहा, "टैरिफ से अमेरिका में मांग प्रभावित हो सकती है, जिससे हमारे निर्यात को नुकसान होगा।"
गौरतलब है की अमेरिका, भारत के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाज़ार है। भारत के कुल गुड्स निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 फीसदी है। वहीं, भारत में होने वाले कुल आयात में अमेरिका की हिस्सेदार 6.22 फीसदी है। जबकि भारत के द्विपक्षीय व्यापार में अमेरिका की हिस्सेदारी 10.73 फीसदी है। ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण भारत से होने वाला वस्तुओं का निर्यात फरवरी में लगातार चौथे महीने गिरा है।
वित्त वर्ष 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक की अवधि में भारत से होने वाला निर्यात 395.63 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 395.38 अरब अमेरिकी डॉलर पर रहा था। इस बीच,इसी अवधि के दौरान सेवाओं का निर्यात पिछले साल के 311.05 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 354.90 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है। अमेरिकी टैरिफ में बढ़त से सीधे प्रभावित होने वाले निर्यात सेक्टरों में झींगा, कालीन, चिकित्सा उपकरण और स्वर्ण आभूषण शामिल हैं।