Reliance Q3 Results Preview: मुनाफे में तगड़े उछाल के आसार, ये है ब्रोकरेजेज का कैलकुलेशन

Reliance Q3 Results Preview: ऑयल-टू-केमिकल से लेकर टेलीकॉम और रिटेल सेक्टर में फैली रिलायंस के कारोबारी नतीजे कल यानी गुरुवार 16 जनवरी को आने वाले हैं। कंपनी चालू वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2024 के नतीजे पेश करेगी। जानिए कि ये नतीजे कैसे रह सकते हैं और नतीजे के साथ किन बयानों पर नजर रहेगी?

अपडेटेड Jan 15, 2025 पर 10:49 AM
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Reliance Q3 FY25 Results Preview: मार्केट कैप के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 16 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर सकती है।

Reliance Q3 FY25 Results Preview: मार्केट कैप के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 16 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर सकती है। एनालिस्ट्स के मुताबिक टेलीकॉम अर्निंग्स में मजबूत वृद्धि, रिफाइनिंग मार्जिन्स में सुधार, और रिटेल की सुस्त ग्रोथ के चलते ओवरऑल नतीजे मिले-जुले रह सकते हैं। कंपनी का तिमाही आधार पर रेवेन्यू बढ़ सकता है लेकिन नेट प्रॉफिट अधिक स्पीड से ऊपर बढ़ सकता है। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल्स में कमजोरी के बावजूद कंसालिडेटेड ईबीआईटीडीए को मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और हाई एआरपीयू से फायदा मिल सकता है।

मनीकंट्रोल ने ब्रोकरेजेज के बीच जो पोल कराया है, उसमें अनुमान लगाया गया है कि रिलायंस का नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 6 फीसदी बढ़कर ₹17,482 करोड़ और EBITDA भी 5 फीसदी से अधिक उछलकर ₹41,125 करोड़ पर पहुंच सकता है। ब्रोकरेजेज का यह भी अनुमान है कि तीसरी तिमाही में EBITDA मार्जिन 18.2-18.9 फीसदी के बीच रह सकता है। सबसे अधिक बुलिश रुझान एलारा कैपिटल का है जिसने नेट प्रॉफिट में तिमाही आधार पर 10 फीसदी की तेजी और EBITDA में 6 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया है।

किन फैक्टर्स से मिल सकती है कमाई को सपोर्ट?

ओ2सी बिजनेस: ब्रोकरेज फर्म Emkay Research के मुताबिक डीजल क्रैक में रिवरी और क्रूड प्रीमियम में गिरावट से ओ2सी (ऑयल-टू-केमिकल) की कमाई में तिमाही आधार पर सुधार दिख सकता है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि बेहतर एक्स-चाइना सप्लाई-डिमांड डाएनेमिक्स और फेवरेबल कॉस्ट बेस के चलते जीआरएम प्रति बैरल $8.7-$10.8 बैरल रह सकता है। हालांकि गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक ओलेफिन्स और कुछ ऐरोमेटिक्स की सप्लाई और डिमांड से जुड़े इश्यू के चलते पेट्रोकेमिकल मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।


डिजिटल सर्विसेज: रिलायंस जियो के नतीजे मजबूत रह सकते हैं। एलारा कैपिटल के चलते हाई एआरपीयू (प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू) और टैरिफ हाइक के चलते इसका ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 17 फीसदी और तिमाही आधार पर 4 फीसदी की दर से बढ़ सकता है। इसका एआरपीयू ₹203-₹205 तक पहुंच सकता है। सब्सक्राइबर्स की संख्या में बढ़ोतरी सुस्त रह सकती है।

रिटेल बिजनेस: रिटेल सेगमेंट में तिमाही आधार पर ईबीआईटीडीए के ग्रोथ 5-6 फीसदी दिख सकती है। हालांकि एनालिस्ट्स को बी2बी बिजनेस में चुनौतियां दिख रही हैं।

तिमाही नतीजे में इन बातों पर रहेगी नजर

ओ2सी रिफाइनिंग मार्जिन: ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) के बने रहने और पेट्रोकेमिकल रिकवरी के आउटलुक पर क्या कहा जा रहा है, इस पर नजर रहेगी।

डिजिटल सर्विसेज ग्रोथ: एनालिस्ट्स की एआरपीयू (प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू), सब्सक्राइबर बेस डायनेमिक्स और जियो के ब्रॉडबैंड ग्रोथ ट्रैजेक्टरी पर नजरें रहेगी।

रिटेल सेगमेंट आउटलुक: शहरों में खपत की रिकवरी और स्टोर नेटवर्क बढ़ाने की योजना भी अहम रहेगी।

कैपेक्स और डेट ट्रेंड्स: निवेशकों की निगाहें कैपिटल एक्सपेंडिचर और कर्ज में नेट कटौती पर रहेगीष इसके अलावा जियो की लिस्टिंग के टाइमलाइन के अपडेट पर भी नजरें रहेगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

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