Religare Enterprises में डीमर्जर, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस बिजनेस होंगे अलग; शेयरहोल्डर्स के लिए क्या बदलेगा

Religare Enterprises Demerger: कंपनी ने कहा कि इस रीस्ट्रक्चरिंग का उद्देश्य दो स्वतंत्र इकाइयां बनाकर ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करना है। आश्वासन दिया है कि इस बदलाव के दौरान बिजनेस ऑपरेशंस, कर्मचारियों या ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा

अपडेटेड Feb 15, 2026 पर 4:22 PM
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सोमवार, 16 फरवरी को Religare Enterprises के शेयर फोकस में रहेंगे।

रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (REL) ने डीमर्जर की घोषणा की है। कंपनी ने अपने फाइनेंशियल सर्विसेज और बीमा कारोबार को दो अलग-अलग लिस्टेड एंटिटीज में बांटने का प्लान बनाया है। कंपनी के बोर्ड ने इस प्लान को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने बयान में कहा कि फरवरी, 2025 में बर्मन परिवार ने रेलिगेयर का नियंत्रण अपने हाथ में लिया था। उसके बाद से यह कंपनी द्वारा घोषित पहली बड़ी ​रीस्ट्रक्चरिंग है। प्रपोजल के तहत केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड, इंश्योरेंस सेक्टर पर फोकस्ड एंटिटी के तौर पर काम करती रहेगी।

रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड की केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड में हिस्सेदारी बनी रहेगी। वहीं लेंडिंग, ब्रोकिंग, निवेश गतिविधियों और संबंधित सर्विसेज से जुड़े फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस को ‘रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड’ (RFL) को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इस अपडेट के सामने आने के बाद सोमवार, 16 फरवरी को रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयर फोकस में रहेंगे।

Religare Enterprises के शेयरहोल्डर्स के लिए क्या बदलाव


बयान के अनुसार, डीमर्जर के बाद RFL, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयरहोल्डर्स को 1:1 के रेशियो में फुली पेड अप इक्विटी शेयर जारी करेगी। साथ ही RFL को BSE और NSE पर लिस्ट कराया जाएगा। कंपनी ने कहा कि इस रीस्ट्रक्चरिंग का उद्देश्य दो स्वतंत्र इकाइयां बनाकर ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करना है, जिससे हर कारोबार अपने क्षेत्र के अनुसार विकास की रणनीतियों पर काम कर सके। डीमर्जर के प्रपोजल को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) के पास जमा किया जाएगा। इस पर अभी शेयरहोल्डर्स, लेनदारों और रेगुलेटर्स की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

कब तक लिस्ट होगी RFL?

समूह का लक्ष्य इस प्रक्रिया को पूरा कर वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही तक RFL को लिस्ट कराने का है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि इस बदलाव के दौरान बिजनेस ऑपरेशंस, कर्मचारियों या ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर प्रतुल गुप्ता का कहना है कि इस बदलाव से दोनों एंटिटीज अपने-अपने क्षेत्रों में अग्रणी बनकर उभरेंगी। साथ ही, दोनों के पास भविष्य में विकास के अवसरों का फायदा उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन होंगे। वे अपनी विशिष्ट व्यावसायिक रणनीतियों पर पूरी एकाग्रता के साथ फोकस कर सकेंगी।

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