शेयर बाजार के नए 'बादशाह' बने रिटेल निवेशक! अगस्त में FIIs को भी छोड़ा पीछे, खरीदे ₹10,000 करोड़ के शेयर

अगस्त महीने के दौरान शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद रिटेल निवेशकों ने 10,000 करोड़ रुपये की भारी भरकम खरीदारी की। यह आंकड़ा न केवल विदेशी निवेशकों (FIIs) बल्कि बैंकों और बीमा कंपनियों से भी कहीं अधिक है। इससे पहले जुलाई में रिटेल निवेशकों ने 2,380 करोड़ रुपये खरीदारी की थी, जबकि जून में यह आंकड़ा 11,855 करोड़ रुपये रहा था

अपडेटेड Sep 02, 2024 पर 10:21 AM
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अगस्त में FIIs की कुल खरीदारी लगभग 9,200 करोड़ रुपये थी

अगस्त महीने के दौरान शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद रिटेल निवेशकों ने 10,000 करोड़ रुपये की भारी भरकम खरीदारी की। यह आंकड़ा न केवल विदेशी निवेशकों (FIIs) बल्कि बैंकों और बीमा कंपनियों से भी कहीं अधिक है। इससे पहले जुलाई में रिटेल निवेशकों ने 2,380 करोड़ रुपये खरीदारी की थी, जबकि जून में यह आंकड़ा 11,855 करोड़ रुपये रहा था।

विदेशी निवेशकों (FIIs) के मुकाबले रिटेल निवेशकों का दबदबा

अगस्त में FIIs की कुल खरीदारी लगभग 9,200 करोड़ रुपये थी, जबकि बैंकों ने 1,083 करोड़ रुपये और बीमा कंपनियों ने 3,973 करोड़ रुपये का निवेश किया। रिटेल निवेशकों ने "बाय इन डिप(हर बड़ी गिरावट पर खरीदारी)" रणनीति को अपनाते हुए बाजार में मजबूत पकड़ बनाई हुई है, और एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह रुझान तब तक जारी रहेगा जब तक घरेलू अर्थव्यवस्था या ग्लोबल स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं आता।

बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश में तेजी


अगस्त महीने के दौरान भारतीय शेयर बाजारों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। फिर भी, सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 0.8% और 1.1% की तेजी आई। वहीं BSE मिडकैप इंडेक्स में 0.9% और BSE स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.23% की बढ़त देखी गई। इस अस्थिर बाजार में भी रिटेल निवेशकों का शेयर बाजार पर बढ़ते भरोसे को दिखा रहा है। रिलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी रिटेल रिसर्च, रवि सिंह ने कहा, "रिटेल निवेशकों की खरीदारी ने FIIs, बैंकों और बीमा कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है, जो इस बात का संकेत है कि व्यक्तिगत निवेशकों के बीच इक्विटी की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है।"

FIIs की सतर्कता और सेक्टर-आधारित निवेश

हालांकि, विदेशी निवेशक सतर्क बने हुए हैं। 1 अगस्त से 19 अगस्त तक उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में 19,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसके पीछे महंगाई, ग्लोबल लेवल पर आर्थिक अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई कारण रहे। लेकिन 20 से 29 अगस्त के बीच FIIs ने लगभग 28,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की। उन्होंने अंबुजा सीमेंट, टाटा टेक, जीएमआर एयरपोर्ट्स, जोमैटो, पीएनबी हाउसिंग और नायका जैसी कंपनियों में बल्क डील्स के जरिए खरीदारी की।

म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी ने भी बाजार को दी ताकत

अगस्त में म्यूचुअल फंड्स सबसे बड़े खरीदार बने, जिन्होंने 32,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया। यह भारत की ग्रोथ संभावनाओं में मजबूत विश्वास को दिखाता है। सरकार की ओर से जारी आर्थिक सुधारों और स्थिर अर्निंग सीजन से इस भरोसे को मजबूती मिल रही है।

रिटेल निवेशकों का बढ़ता विश्वास

ग्रीन पोर्टफोलियो PMS के फाउंडर और फंड मैनेजर दिवम शर्मा के अनुसार, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल से उम्मीदों के चलते रिटेल निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा, वित्तीय जागरूकता के बढ़ने और SME IPOs के लिस्टिंग गेंस ने भी रिटेल निवेशकों में उत्साह बढ़ाया है।

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