शेयर बाजार से IPOs की ओर मुड़ रहे रिटेल निवेशक, FY26 में किया ₹34,840 करोड़ का निवेश, टूटा रिकॉर्ड
रिटेल निवेशक मौजूदा वित्त वर्ष में एक तरफ शेयर बाजार से दूरी बनाते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ वे IPO मार्केट में रिकॉर्डतोड़ निवेश कर रहे हैं। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में उन्होंने आईपीओ मार्केट में निवेश का नया रिकॉर्ड बना दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष के सिर्फ पहले 8 महीनों में ही रिटेल निवेशकों ने IPO मार्केट में कुल ₹34,840 करोड़ का निवेश किया है
FY26 में अब तक रिटेल निवेशकों ने शेयर मार्केट से करीब ₹13,000 करोड़ की शुद्ध निकासी की है
रिटेल निवेशक मौजूदा वित्त वर्ष में एक तरफ शेयर बाजार से दूरी बनाते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ वे IPO मार्केट में रिकॉर्डतोड़ निवेश कर रहे हैं। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में उन्होंने आईपीओ मार्केट में निवेश का नया रिकॉर्ड बना दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष के सिर्फ पहले 8 महीने यानी, अप्रैल से नवंबर के बीच रिटेल निवेशकों ने IPO मार्केट में कुल ₹34,840 करोड़ का निवेश किया है। यह किसी भी एक वित्त वर्ष में रिटेल निवेशकों की ओर से किया गया अब तब का सबसे अधिक निवेश है।
इससे पहले पूरे वित्त वर्ष 2025 में रिटेल निवेशकों ने आईपीओ मार्केट में 34,336 करोड़ रुपये का निवेश किया था। वहीं FY24 में हुए ₹18,057 करोड़ के निवेश के मुकाबले यह आंकड़ा लगभग दोगुना है।
इसके उलट, शेयर मार्केट में रिटेल निवेशकों का रुझान कमजोर बना हुआ है। FY26 में अब तक रिटेल निवेशकों ने शेयर मार्केट से करीब ₹13,000 करोड़ की शुद्ध निकासी की है। इसकी तुलना में FY25 में रिटेल निवेशकों ने शेयर मार्केट में ₹1.25 लाख करोड़ का निवेश किया था, जबकि FY24 में यह आंकड़ा ₹47,241 करोड़ रहा था।
शेयर मार्केट से IPO मार्केट की ओर क्यों मुड़ रहे हैं निवेशक?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर मार्केट में खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोर प्रदर्शन ने रिटेल निवेशकों को निराश किया है। असित सी मेहता इनवेस्टमेंट इंटरमीडियरीज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ भामरे के मुताबिक, शेयर मार्केट में सीमित रिटर्न और लगातार अस्थिरता के चलते निवेशकों ने प्राइमरी मार्केट का रुख किया है।
उन्होंने कहा कि भले ही कई आईपीओ की लिस्टिंग बहुत शानदार न रही हो, लेकिन निवेशकों को लिस्टिंग के दिन 10 से 15 फीसदी तक का रिटर्न मिल जाता है। यही उम्मीद निवेशकों को नए इश्यू में पैसा लगाने के लिए आकर्षित कर रही है। जैसे-जैसे निवेश बढ़ता है, सब्सक्रिप्शन का स्तर और ऊंचा चला जाता है, जिससे एक तरह का चेन रिएक्शन बन जाता है।
2025 में गुलजार रहा IPO मार्केट
कैलेंडर ईयर 2025 में प्राइमरी मार्केट में फंडरेजिंग काफी मजबूत रही। मेनबोर्ड सेगमेंट में 108 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए ₹1.76 लाख करोड़ से अधिक जुटाए। वहीं SME सेगमेंट में 267 कंपनियों ने आईपीओ लाकर रिकॉर्ड ₹11,435 करोड़ जुटाए।
2025 में हुई 108 मेनबोर्ड लिस्टिंग में से 72 कंपनियों के शेयर अपने आईपीओ प्राइस से ऊपर खुले, जबकि 36 ने इसके नीचे ट्रेडिंग शुरू की। इनमें से 16 शेयरों ने लिस्टिंग के दिन 30 से 70 फीसदी तक की तेजी दिखाई, 22 शेयर 10 से 30 फीसदी चढ़े और 34 शेयर 1 से 10 फीसदी की बढ़त के साथ खुले। वहीं, डिस्काउंट पर लिस्ट हुए 36 शेयरों में से 30 शेयर 1 से 10 फीसदी गिरे और छह शेयरों में 15 से 35 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
SME सेगमेंट में 269 लिस्टिंग में से 170 शेयर अपने आईपीओो प्राइस से ऊपर खुले, जबकि 98 शेयरों की शुरुआत कमजोर रही। इनमें से 18 शेयर लिस्टिंग पर लगभग दोगुने हो गए, 32 शेयरों में 30 से 90 फीसदी तक की तेजी दिखी और 120 शेयर 1 से 30 फीसदी तक चढ़े।
शेयर मार्केट की चाल
साल 2025 में शेयर बाजार की चाल सुस्त रही। बाजार की अधिकतर तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित रही। ब्राडर मार्केट खासतौर से दबाव में रहा। कुल 2,667 लिस्टेड कंपनियों में में से करीब 90 फीसदी शेयर अपने 52-हफ्तों के उच्च स्तर से 20 फीसदी या उससे ज्यादा नीचे कारोबार कर रहे हैं। इनमें से लगभग 397 शेयर 50 से 75 फीसदी तक टूट चुके हैं और करीब 30 कंपनियों के शेयर अपने 52-वीक हाई से 75 फीसदी नीचे हैं। केवल 10 फीसदी शेयर ही ऐसे हैं जो अपने 52-वीक हाई के आसपास टिके हुए हैं।
Fisdom के निरव करकरा का कहना है कि पिछले कुछ तिमाहियों से शेयर मार्केट सीमित दायरे में फंसा हुआ है। ऊंचे वैल्यूशशन से जुड़ी चिंताएं और ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसके चलते निवेशकों का ध्यान उन नए IPO पर गया, जहां वैल्यूएशन या नए थीम्स के जरिए ग्रोथ की संभावना नजर आई।
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