RIL News : रिलायंस ने की सोलर सेल की कमीशनिंग, बैटरी उत्पादन बढ़ाया, जापान, कोरिया और यूरोप को ग्रीन फ्यूल एक्सपोर्ट करने पर फोकस

RIL News : रिलायंस ने अपने कच्छ हब से सालाना 300 अरब यूनिट तक रिन्यूएबल पावर जेनरेट करने की योजनाओं के बारे में जनकारी साझा की है। कंपनी ने कहा है कि उसके क्लीन एनर्जी इकोसिस्टम के मुख्य हिस्से ऑनलाइन हो रहे हैं। रिलायंस ने कन्फर्म किया है कि उसके सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम से संबंधित सेंट्रल यूटिलिटी और कंट्रोल ब्लॉक पहले से ही चालू हैं

अपडेटेड Jan 17, 2026 पर 7:04 AM
Story continues below Advertisement
RIL News : रिलायंस ने कहा कि उसके इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम में पावर के अलावा इलेक्ट्रोलाइज़र मैन्युफैक्चरिंग और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट शामिल हैं। इसके विदेशी बाजारों में ग्रीन फ्यूल और मॉलिक्यूल्स सप्लाई करने के लिए तैयार किया जा रहा है

RIL News : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नया एनर्जी बिजनेस अब कंस्ट्रक्शन से कमीशनिंग की ओर बढ़ रहा है। कंपनी ने 16 जनवरी को अपने Q3 FY26 मैनेजमेंट प्रेजेंटेशन में सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम में नए ऑपरेशनल माइलस्टोन के बारे में बताया। ग्रुप ने यह भी बताया कि वह कच्छ में अपने रिन्यूएबल एनर्जी हब से कितनी बिजली पैदा करने की योजना पर काम कर रहा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, न्यू एनर्जी,करण सूरी ने कहा, "हम इस पूरे इकोसिस्टम पर काफी आगे बढ़ चुके हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि यह इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म, टैरिफ और सप्लाई-चेन में रुकावट जैसे जियोपॉलिटिकल जोखिमों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

जामनगर में हेटेरोजंक्शन-बेस्ड सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग हुई शुरू


रिलायंस ने कहा कि जामनगर में उसका हेटेरोजंक्शन-बेस्ड सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग अब शुरू हो गई है और इसके प्रोडक्शन को बढ़ाया जा रहा है। जबकि, पहले से ही चालू सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग ने 94-95 फीसदी मैन्युफैक्चरिंग यील्ड हासिल कर लिया है। यह एक ऐसा आंकड़ा है जिसका खुलासा पहली बार किया गया है।

कंपनी जामनगर में पॉलीसिलिकॉन से लेकर मॉड्यूल तक एक एंड-टू-एंड सोलर मैन्युफैक्चरिंग चेन लगा रही है,जिसकी शुरुआत 10 GW की सालाना कैपेसिटी से होगी। बाद में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 20 GW तक किया जा सकता है।

अपस्ट्रीम इंटीग्रेशन पर खुलासा करते हुए रिलायंस ने कहा कि उसकी पायलट इंगट लाइन पहले ही चालू हो चुकी है और G12-साइज़ के वेफर्स की इन-हाउस स्लाइसिंग चल रही है।

बैटरी गीगाफैक्ट्री का काम आगे बढ़ा

बैटरी के बारे में जानकारी देते हुए रिलायंस ने कहा कि सेल्स, पैक और कंटेनर वाले एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को कवर करने वाली उसकी 40 GWh बैटरी गीगाफैक्ट्री का कंस्ट्रक्शन पूरे ज़ोरों पर चल रहा है।

सूरी ने कहा, "सभी ज़रूरी उपकरण पहले ही साइट पर पहुंच चुके हैं और इस साल अलग-अलग फेज़ में कमीशनिंग शुरू हो जाएगी। कंपनी ने पहले ही बैटरी कैपेसिटी को 100 GWh तक बढ़ाने की योजनाओं की घोषणा की थी।"

अभूतपूर्व पैमाने पर बिजली का उत्पादन

कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग सेटअप सीधे रिलायंस के गुजरात के कच्छ में 550,000 एकड़ की साइट पर प्लान किए गए 24 घंटे चलने वाले रिन्यूएबल एनर्जी जेनरेशन हब से जुड़ेगा। कंपनी के अनुसार, इस साइट में 125–150 GW सोलर कैपेसिटी लगाने की क्षमता है, जिससे सालाना 24 घंटे लगभग 300 बिलियन यूनिट बिजली मिल सकती है।

सूरी ने कहा, "30 GW सोलर कैपेसिटी की सालाना इंस्टॉलेशन रेट से हर साल लगभग 35–40 बिलियन यूनिट बिजली पैदा होगी, जो दुनिया भर के कई देशों की सालाना बिजली खपत से ज़्यादा है।"

ग्रीन मॉलिक्यूल्स के एक्पोर्ट मार्केट पर फोकस

रिलायंस ने कहा कि उसके इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम में पावर के अलावा इलेक्ट्रोलाइज़र मैन्युफैक्चरिंग और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट शामिल हैं। इसके विदेशी बाजारों में ग्रीन फ्यूल और मॉलिक्यूल्स सप्लाई करने के लिए तैयार किया जा रहा है। कंपनी ने जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोप को प्रायोरिटी वाले इलाके बताया,जहां उसे कस्टमर्स और सरकारों से ग्रीन अमोनिया या ग्रीन हाइड्रोजन के लिए लॉन्ग-टर्म ऑफटेक कॉन्ट्रैक्ट्स करने में काफी अच्छे मौके दिख रहे हैं।

डिजिटल कंट्रोल रूम हुआ लाइव

रिलायंस ने पहली बार इस बात कि पुष्टि की है कि उसके सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के लिए सेंट्रल यूटिलिटी और कंट्रोल ब्लॉक पहले से ही चालू है। यह AI-इनेबल्ड सिस्टम सभी फैसिलिटीज़ को डिजिटली कनेक्ट करता है। इससे कम से कम इंसानी दखल के साथ ऑपरेशन्स, शटडाउन, यील्ड ऑप्टिमाइज़ेशन, मटीरियल ट्रेसिबिलिटी और क्वालिटी कंट्रोल की सेंट्रलाइज़्ड मॉनिटरिंग हो पाती है।

कंपनी ने बताया कि 20 GW कैपेसिटी के लिए सबस्टेशन, कूलिंग टावर, केमिकल स्टोरेज और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट जैसी यूटिलिटीज़ पहले ही बना ली गई हैं, जिससे भविष्य में बिना किसी बड़े अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर के इसका विस्तार किया जा सकेगा।

Reliance Industries Q3 Results : नेट प्रॉफिट 1.6% बढ़कर 22290 करोड़ रुपये पर रहा, आय में 10% की बढ़त

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।