RIL Q4 Result: मार्केट कैप के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने आज 31 दिसंबर 2023 को खत्म हुई वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 19 फीसदी की बढ़त के साथ 19299 करोड़ रुपये पर रहा है जो कि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 16203 करोड़ रुपये पर था। जबकि वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 15792 करोड़ रुपये था।
चौथी तिमाही में आय 2.13 लाख करोड़ रुपये पर रही
इसी तरह चौथी तिमाही में कंपनी की आय तिमाही दर तिमाही आधार पर 2.17 लाख करोड़ रुपये से घटकर 2.13 लाख करोड़ रुपये पर रही है। तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कंपनी एबिटडा 35,247 करोड़ रुपये से बढ़कर 38,440 करोड़ रुपये पर रहा है। जबकि एबिटडा मार्जिन पिछली तिमाही के 16.2 फीसदी से बढ़कर 18.05 फीसदी पर आ गई है।
ऑयल टू केमिकल (O2C) कारोबार की आय 1.28 लाख करोड़ रुपये रही
चौथी तिमाही में कंपनी के ऑयल टू केमिकल (O2C) कारोबार की आय पिछली तिमाही से 1.44 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.28 लाख करोड़ रुपये रही है। इसी तरह ऑयल टू केमिकल (O2C) कारोबार की एबिट तिमाही आधार पर 11,891 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,194 करोड़ रुपये पर रही है। जबकि ऑयल टू केमिकल (O2C) बिजनेस की एबिट मार्जिन तीसरी तिमाही के 8.2 फीसदी से बढ़कर 11 फीसदी पर आ गई है।
ऑयल एंड गैस बिजनेस की रेवेन्यू 4556 करोड़ रुपये पर रही
चौथी तिमाही में RIL के ऑयल एंड गैस बिजनेस की रेवेन्यू तीसरी तिमाही के 4,474 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,556 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। जबकि इसकी एबिट तीसरी तिमाही 3,207 करोड़ रुपये से घटकर 3,127 करोड़ रुपये पर रही है। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी के ऑयल एंड गैस बिजनेस की एबिट मार्जिन 71.7 फीसदी से घटकर 68.63 फीसदी पर आ गई है।
RIL के मैनेजमेंट ने नतीजों के बाद कहा कि मजबूत ग्लोबल डिमांड के चलते चौथी तिमाही में कंपनी के रिफाइनिंग मार्जिन में बढ़त देखने को मिली है जबकि ग्लोबल मार्केट से कमजोर डिमांड के चलते डाउनस्ट्रीम केमिकल कारोबार के मार्जिन पर दबाव देखने को मिला है। घरेलू मांग में मजबूती और एडवांटेज ईथेन क्रैकिंग से फायदा पहुंचा है।
चौथी तिमाही में बिक्री के लिए हुआ उत्पादन 66.4 mmt रहा है। इसमें सालाना आधार पर 2.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। कंपनी ने यह भी बताया है कि डाउन स्ट्रीम केमिकल प्रोडक्ट के घरेलू मांग में अच्छी बढ़त देखने को मिली है।
RIL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश धीरूभाई अंबानी ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रिलायंस द्वारा डिजिटल कनेक्टिविटी और ऑर्गेनाइज्ड रिटेल में की गई पहल से देश की इकोनॉमी पर सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। रिलायंस की इस पहल से भारत की इकोनॉमी के दुनिया की सबसे तेज गति से उभरने वाली इकोनॉमी बनने में भी सहायता मिल रही है। इस साल हमारी योजना कंपनी के फाइनेंशियल सर्विसेज शाखा को डीमर्ज करके जियो फाइनेंशियल सर्विसेज नाम की नई कंपनी के तौर पर लिस्ट करने की है। इससे हमारे शेयरधारकों को इस नई कंपनी के शुरुआत से ही एक नए रोमांचक ग्रोथ प्लेटफॉर्म में भागीदारी करने का अवसर मिलेगा।
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