Stock Market Crash: शेयर बाजार में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। खासतौर से छोटे और मझोले शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स आज 28 फरवरी को लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने लगातार शेयर बेचना जारी रखा है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स अब अपने उच्चतम स्तर से 25% गिर चुका है, जिसके चलते इस इंडेक्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन अब ₹5.25 लाख करोड़ घट गया है। निफ्टी मिडकैप 100 भी अपने शिखर से 21% टूट चुका है, जिससे इसका मार्केट कैप ₹13.35 लाख करोड़ कम हो गया है।
इस बीच निफ्टी 50 इंडेक्स भी अपने सितंबर 2024 के शिखर से अब तक 14% गिर चुका है और 29 सालों में पहली बार लगातार पांचवें महीने गिरावट के साथ बंद होने जा रहा है। इस बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में पिछले 5 महीनों में (सितंबर 2024 से अब तक) ₹31.94 लाख करोड़ का कुल नुकसान हो चुका है। इसमें से ₹18.60 लाख करोड़ की गिरावट केवल मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में आई है।
लगातार आठवें दिन गिरावट जारी
हालांकि, इस भारी गिरावट के कारण निफ्टी 50 इंडेक्स की वैल्यूएशन में भी सुधार आ रहा है। इसका एक साल आगे का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 10-सालों के औसत मल्टीपल 20x से नीचे आने की ओर बढ़ रहा है, जिससे बाजार अधिक संतुलित स्थिति में आ सकता है।
एक्सपर्ट्स ने स्मॉलकैप और मिडकैप के वैल्यूएशन पर उठाए सवाल
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में इस करेक्शन की आशंका पहले ही जताई जा रही थी। ICICI प्रूडेंशियल के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर एस नरेन, कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के संजीव प्रसाद, और 3P इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के प्रशांत जैन जैसे दिग्गज निवेशकों ने छोटे और मझोले शेयरों के बेहद ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चेतावनी दी थी।
SEBI चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने भी करीब एक साल पहले म्यूचुअल फंड कंपनियों को इस "बुलबुले" से सावधान रहने की सलाह दी थी। प्रशांत जैन ने कहा कि छोटे और मध्यम शेयरों की यह गिरावट उनके लिए "चौंकाने वाली" नहीं है। संजीव प्रसाद ने इसे "मिडकैप मैडनेस" (Midcap Madness) करार दिया और कहा कि इस सेक्टर में काफी निवेश किया जा रहा था।
हेलिओस कैपिटल के फाउंडर और फंड मैनेजर, समीर अरोड़ा ने भी कहा था कि जब शेयर बाजार में तेजी आती है, तो मिडकैप और स्मॉलकैप 6-8% तक अधिक रिटर्न देते हैं, लेकिन गिरावट आने पर यह उतनी ही तेजी से नीचे भी आते हैं। हालांकि, समीर अरोड़ा का मानना है कि अगर लंबी अवधि (7 साल) की औसत रिटर्न देखें, तो निफ्टी 13-14% और निफ्टी 500 इंडेक्स ने 15-16% का सालाना रिटर्न दिया है।
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