आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने 7 जून को कहा कि आरबीआई क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार के कंसलटेशन पेपर का इंतजार करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि आरबीआई पहले ही क्रिप्टोकरेंसी पर इस कंसलटेशन पेपर में सरकार को अपना रुख बता चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर आरबीआई और सरकार के बीच लगातार बातचीत जारी है। हमने इस मुद्दे पर सरकार को अपनी राय से अवगत करा दिया है। अब हमें इस कंसलटेशन पेपर के परिणाम का इंतजार है।
आरबीआई गर्वनर ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी की अंडरलाइंग वैल्यू एक ट्यूलिप (एक तरह का फूल) से भी कम है। ऐसे में आरबीआई क्रिप्टोकरेंसी के वौलेटाइल नेचर को लेकर काफी सर्तक है।
गौरतलब है कि फरवरी महीने में भी शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चेतावनी जारी की थी। ट्यूलिप के उदाहरण के जरिए उन्होंने नीदरलैंड में 17वीं शताब्दी में फूटे एक सट्टेबाजी की बबल की ओर इशारा किया था। शक्तिकांत दास ने इसी दौरान यह भी कहा था कि प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी मैक्रो इकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिए बहुत बड़ा खतरा है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह अपने जोखिम पर क्रिप्टोकरेंसी पर निवेश कर रहे है।
इसी तरह इस साल 31 मई को आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा था कि वित्त मंत्री ने क्रिप्टोकरेंसी पर कंसलटेशन पेपर तैयार करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। यह कंसलटेशन पेपर जल्द ही समिट किया जाएगा। इसके साथ ही अजय सेठ ने यह भी कहा था कि भारत सरकार दुनिया के तमाम देशों में क्रिप्टोकरेंसी के रेगुलेशन के लिए बनाए गए कानूनों का भी अध्ययन कर रही है।