डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया, 63 पैसे टूटकर 81.62 पर हुआ बंद

9 कारोबारी सत्र में यह 8वां कारोबारी सत्र ऐसा रहा है जिसमें डॉलर के मुकाबले रुपये में 2.28 फीसदी की गिरावट आई है। 3 कारोबारी सत्रों में डॉलर के मुकाबले रुपया 1 रुपया 70 पैसे कमजोर हुआ है

अपडेटेड Sep 26, 2022 पर 4:03 PM
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सुबह के शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 80.99 के मुकाबले 81.55 के स्तर पर खुला। जो कि शुक्रवार की क्लोजिंग से 56 पैसे कमजोर है।

Rupee Close- डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 63 पैसे टूटकर 81.62 के स्तर पर बंद हुआ है।

Rupee Vs Doller:डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया पहुंचा है। एक डॉलर की कीमत 81 रुपए 55 पैसे तक पहुंची है। सुबह के शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 80.99 के मुकाबले 81.55 के स्तर पर खुला। जो कि शुक्रवार की क्लोजिंग से 56 पैसे कमजोर है।

बता दें कि 9 कारोबारी सत्र में यह 8वां कारोबारी सत्र ऐसा रहा है जिसमें डॉलर के मुकाबले रुपये में 2.28 फीसदी की गिरावट आई है। 3 कारोबारी सत्रों में डॉलर के मुकाबले रुपया 1 रुपया 70 पैसे कमजोर हुआ है। गौरतलब है कि डॉलर इंडेक्स 20 साल से ज्यादा की ऊंचाई पर पहुंचा गया है। डॉलर इंडेक्स मई 2002 के ऊपरी स्तर पर है।


10.25 बजे के आसपास डॉलर के मुकाबले रुपये ने 81.58 का रिकॉर्ड निचला स्तर छुआ था। साउथ कोरिया की करेंसी वॉर्न में 1.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली रही है जबकि फिलीपींस की करेंसी पेसो (peso) में 0.57 फीसदी , इंडोनेशिया की करेंसी रॅन्मिन्बी (rupiah ) में 0.53 फीसदी, जापान की करेंसी येन (yen ) में 0.47 फीसदी, थाइलैंड की करेंसी थाई बात (Thai Baht) में 0.59 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है।

महंगाई से निपटने के लिए अमेरिकी फेड ने एक बार फिर ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी करने के बाद भी फेड ने और आगे भी रेट हाइक के संकेत दिए हैं। एनालिस्टों का मानना है कि फेड के फैसले से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पर भी दिख सकता है और इस महीने के आखिरी में मौद्रिक नीतियों की बैठक में दरों में 40 बीपीएस (0.40 फीसदी) की बढ़ोतरी हो सकती है।

सीआर फोरेक्स ने अपने नोट में अनुमान लगाया है कि रुपये की गिरावट को थामने के लिए फोरेक्स रिजर्व का इस्तेमाल नहीं करेगा क्योंकि पहले ही इस विकल्प का प्रयोग हो चुका है। हालांकि आरबीआई के सामने फेस्टिव सीजन से पहले लिक्विडिटी बनाए रखने की चुनौती होगी।

हाल ही में SBI द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कोई भी केंद्रीय बैंक अपनी मुद्रा के अवमूल्यन को फिलहाल रोक नहीं सकता है और आरबीआई भी सीमित अवधि के लिए रूपये में गिरावट होने देगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि रुपये की कीमत में यह गिरावट डॉलर की मजबूती की वजह से आई है, घरेलू आर्थिक मूलभूत कारणों से नहीं।

बतातें चलें कि पिछले कारोबारी हफ्ते में भारतीय रुपया पहली बार 81 के स्तर को पार कर नए रिकॉर्ड निचले स्तर (81.24) को छू गया। यह 23 सितंबर को 125 पैसे की गिरावट के साथ 80.99 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। जबकि 16 सितंबर को यह 79.74 के स्तर पर बंद हुआ था।

इस बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बीते हफ्ते में 4,361.77 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1137.96 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सितंबर के महीने में अब तक FIIs ने 2,445.82 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि DIIs ने 1,868.54 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।

इधर 8 महीने के निचले स्तर पर कच्चा तेल पहुंचा है। ब्रेंट 86 डॉलर के पास पहुंचा है। मंदी के चलते डिमांड घटने की आशंका से क्रूड फिसला है। डॉलर की मजबूती से भी कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। डॉलर इंडेक्स 114 के करीब है।

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