Rupee Vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपया आज 7 पैसे मजबूत होकर 83.22 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कमजोर होने से भारतीय रुपये की शुरुआत आज बढ़त के साथ हुई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 15 पैसे मजबूत होकर 83.14 के स्तर पर खुला था। वहीं शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 83.29 के स्तर पर बंद हुआ था। बता दें कि अक्टूबर में US नॉन फार्म पेरोल के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे। अक्टूबर में 1.50 लाख लोगों को नौकरी मिली जबकि बाजार को 1.80 लाख के आंकड़ों की उम्मीद थी। वहीं सितंबर में 2.97 लाख लोगों को नौकरी मिली थी।
वहीं दूसरी तरफ पिछले 3 महीने से तेजी का रुख दिखाने वाले बॉन्ड यील्ड में भी शुक्रवार को नरमी दिखी। 10-साल का अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 9 बेसिस प्वॉइंट घटकर 4.57% पर रहा। पिछले महीने ही ये 5% के रिकॉर्ड ऊपरी स्तर पर था। 2-साल का बॉन्ड यील्ड 13 बेसिस प्वॉइंट गिरकर 4.8% रहा।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में दबाव जारी रही है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 85 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल चुका है। जबकि, WTI क्रूड ऑयल का भाव 82 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। नवंबर में अब तक ब्रेंट क्रूड का भाव 3% तक गिर चुका है। इजरायल-हमास के युद्ध के पहले के स्तर पर क्रूड का भाव पहुंच चुका है। अमेरिका, चीन के कमजोर आंकड़ों ने दबाव बनाया है।
ब्याज दरों को स्थिर रखने के फेडरल रिजर्व के फैसले के साथ-साथ चेयरमैन जेरोम पॉवेल के दरों में बढ़ोतरी पर संभावित रोक के सुझाव के कारण बाजार में बदलाव आया है। अब, CME's के फेडवॉच टूल के अनुसार दिसंबर में दरों में बढ़ोतरी की केवल 5% संभावना है, जबकि पिछली 20% संभावना थी।
डॉलर के मुकाबले दूसरी एशियाई करेंसी में मजबूती देखने को मिल रही है। साउथ कोरिया करेंसी में 1.57 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जबकि मलेशिया रिग्गिंत में 1.33 फीसदी, इंडोनेशिया रुपिया में 1.11 फीसदी, ताइवान डॉलर में 0.57 फीसदी, फिलीपींस पेसो में 0.47 फीसगी, थाई बात में 0.3 फीसदी की मजबूती देखने को मिली। वहीं दूसरी तरफ जापानी येन में 0.15 फीसदी, चाइना रॅन्मिन्बी में 0.1 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है।