Rupee Crash: रुपए में रिकॉर्ड गिरावट जारी, इस महीने अब तक 17% टूटा, 94 के करीब हुआ बंद

Rupee Crash: डॉलर के मुकाबले रुपया संभलने का नाम नहीं ले रहा है। रुपया आज 93.98 पर बंद हुआ। इस महीने में अब तक रुपया 17% तक टूट चुका है। जनवरी से अब तक रुपये में 4.4% की गिरावट आई है।

अपडेटेड Mar 23, 2026 पर 4:43 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
ट्रंप के ईरान पर हमले तेज करने के बयान से क्रूड बढ़ा, सभी एशियाई करेंसी टूटी है। फिलीपींस पेसो, ताइवान डॉलर, थाई Baht सभी रुपये से ज्यादा टूटे है।

Rupee Crash: डॉलर के मुकाबले रुपया संभलने का नाम नहीं ले रहा है। रुपया आज 93.98 पर बंद हुआ। इस महीने में अब तक रुपया 17% तक टूट चुका है। जनवरी से अब तक रुपये में 4.4% की गिरावट आई है। जनवरी 2025 के बाद एक महीने सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। सभी एशियाई करेंसी में भी गिरावट रही।

क्यों टूट रहा है रुपया

ट्रंप के ईरान पर हमले तेज करने के बयान से क्रूड बढ़ा, सभी एशियाई करेंसी टूटी है। फिलीपींस पेसो, ताइवान डॉलर, थाई Baht सभी रुपये से ज्यादा टूटे है। FPIs, इंपोर्टर्स, ट्रेडर्स से डॉलर की भारी डिमांड देखने को मिली। सिटी ने कहा कि FY26 में बैंलेंस ऑफ पेमेंट $50 bn हो सकता है। इस बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज बंद, ब्रेंट क्रूड $114/बैरल के करीब पहुंचा।


रुपये में तेज गिरावट

ईरान जंग शुरु होने से अब तक रुपया 3.17 फीसदी टूटा है। जबकि 2026 में अबतक इसमें 4.4 फीसदी की गिरावट आई है।

बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल

भारत की 10 साल की यील्ड 6.82% से बढ़कर 6.7% पर पहुंच गई है। US की 10 साल की यील्ड 4.4% पर पहुंची। बाजार को अब महंगाई में तेज उछाल का डर सता रहा है ।

USD-INR स्पॉट कीमत 93.60-94.40 रुपये की रेंज में ट्रेड करने की उम्मीद

मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा, "शुक्रवार को रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और पश्चिम एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और कमजोर घरेलू बाजारों के बीच पहली बार 94 के पार चला गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और FII के बाहर जाने से भी रुपये पर दबाव पड़ा।"

उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि रुपया नेगेटिव रुख के साथ ट्रेड करेगा क्योंकि बिगड़ते ग्लोबल सेंटिमेंट और जियोपॉलिटिकल तनाव रुपये पर दबाव बनाए रख सकते हैं। हालांकि, रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर दखल देने से रुपये को निचले स्तरों पर सपोर्ट मिल सकता है।" उन्होंने यह भी कहा कि USD-INR स्पॉट कीमत 93.60-94.40 रुपये की रेंज में ट्रेड करने की उम्मीद है।

LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी, VP रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण करेंसी पर भारी दबाव पड़ने से रुपया 0.37% की गिरावट के साथ 93.95 से नीचे तेज़ी से कमजोर हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने सेंटिमेंट को काफी कमजोर कर दिया है, भारत की नेट इंपोर्टर होने की स्थिति के कारण ज़्यादा आउटफ्लो और इंपोर्ट बिल बढ़ रहा है।

कच्चे तेल का लेवल लगातार ऊंचा रहने से महंगाई बढ़ने की संभावना है, जिससे ग्रोथ के अनुमानों पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे रुपये पर और दबाव बढ़ सकता है। मैक्रो बैकग्राउंड अभी भी नाजुक है, और जब तक जियोपॉलिटिकल तनाव और एनर्जी की कीमतें ऊंची रहेंगी, करेंसी की कमजोरी बनी रहने की उम्मीद है।

निकट भविष्य में, रुपये के 93.25–94.25 की कमजोर रेंज में ट्रेड करने की उम्मीद है, और जब तक कोई खास डी-एस्केलेशन नहीं होता, तब तक सेंटिमेंट नेगेटिव रहने की संभावना है।

डॉलर इंडेक्स, जो छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.14 प्रतिशत बढ़कर 99.78 पर ट्रेड कर रहा था। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स ट्रेड में 1.11 परसेंट गिरकर USD 113.4 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

Rupee Hits Fresh Record Low: महंगाई और युद्ध की चिंताओं के बीच औंधे मुंह गिरा रुपया, 93.83 पर खुला

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।