Russia–Ukraine crisis : भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन खासा “अमंगल” लेकर आया। रूस-यूक्रेन टेंशन बढ़ने से शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स 2 फीसदी गिरावट के साथ खुले। जंग की आशंका में आई गिरावट की सूनामी में पिछले 5 दिनों में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन 9.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो गई है। पिछली बार 16 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुए थे, लेकिन उसके बाद से गिरावट बनी हुई है।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स टूटे
मंगलवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 1,245 अंकों की गिरावट के साथ 56,439 पर खुला, वहीं निफ्टी (Nifty) ने 359 अंकों की कमजोरी के साथ 17,000 का स्तर तोड़ दिया और 16,848 पर खुला। गिरावट से सभी एशिया बाजार प्रभावित रहे और 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है।
एनएसई (NSE) पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट बनी हुई है, जबकि सबसे ज्यादा गिरावट मीडिया और पीएसयू बैंकों में देखने को मिल रही है। ब्रॉडर मार्केट्स भी 1.2 से 2.2 फीसदी के नुकसान के साथ ट्रेडिंग हो रही है।
वॉलेटिलिटी का संकेत देने वाला इंडिया विक्स (India VIX) 17.5 फीसदी की बढ़त के साथ 22.9 से 26.9 के स्तर पर पहुंच गया।
ब्रोकरेज फर्म आईएफए ग्लोबल ने मंगलवार की सुबह जारी नोट में कहा, “सेफ हैवन एसेट्स में रैली दिख रही है। यूएस ट्रेजरी की यील्ड्स लगभग 7-8 बीपीएस घट गई है। ऐसे में यूएस फेड के लिए जिओपॉलिटिकल टेंशन (geopolitical tensions) से ग्रोथ के लिए पैदा रिस्क को देखते हुए अपनी सख्ती की योजना पर विचार करने का मौका है।”
भारत के सबसे बड़ी चिंता क्रूड की कीमतों में तेजी है। इसके चलते बढ़ने वाली महंगाई से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को अपनी नरम नीति छोड़नी पड़ सकती है। क्रूड ऑयल 3.5 फीसदी की मजबूती के साथ 97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, वहीं गोल्ड 1,900 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर चला गया है।
जल्दबाजी में न करें खरीदारी
जिओजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, “क्रूड कीमतें बढ़ने के आर्थिक परिणाम स्पष्ट हैं और टेंशन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।” उन्होंने कहा, “इस गिरावट में खरीदारी के मौके मिल सकते हैं, लेकिन इनवेस्टर्स को जल्दबाजी में खरीदारी नहीं करनी चाहिए क्योंकि एफआईआई बिकवाली जारी रख सकते हैं।”
एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि यह मंथली एफएंडओ एक्सपायरी का सप्ताह है, इसलिए उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और उनको जिओपॉलिटिकल टेंशन, राज्य के चुनाव और यूएस फेड मीटिंग जैसी घटनों के कारण मार्च में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।
दीर्घकालिक निवेशकों के लिए गिरावट में खरीदारी का मौका
ट्रेडिंगो के फाउंडर पार्थ न्याति ने कहा, “व्यापक ट्रेंड बूलिश है, लेकिन अगले महीने भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए ट्रेडर्स को शांत रहना चाहिए, वहीं दीर्घकालिक निवेशकों को इस गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में लेना चाहिए।”
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