Sadhav Shipping IPO Listing: एंट्री करते ही शेयर अपर सर्किट पर, साधव शिपिंग की ऐसी है कारोबारी सेहत

Sadhav Shipping IPO Listing: साधव शिपिंग (Sadhav Shipping) के शेयरों ने आईपीओ निवेशकों को धमाकेदार लिस्टिंग गेन दिया और तुरंत ही यह अपर सर्किट पर भी पहुंच गया। इसके आईपीओ को भी तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 135 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी किए हैं। चेक करें कि इसकी कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कैसे होगा?

अपडेटेड Mar 01, 2024 पर 5:00 PM
     
     
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    Sadhav Shipping IPO Listing: साधव शिपिंग (Sadhav Shipping) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर एंट्री हुई है। इसके आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 135 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत 95 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर 135 रुपये के भाव पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 42 फीसदी से अधिक लिस्टिंग गेन (Sadhav Shipping Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और चढ़े। उछलकर यह 141.75 रुपये (Sadhav Shipping Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ है यानी कि आईपीओ निवेशक पहले दिन 49.21 फीसदी मुनाफे में हैं।

    Sadhav Shipping IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

    साधव शिपिंग का 38.18 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-27 फरवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 135.69 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 65.52 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 40,18,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने बोट्स/वेसल्स की खरीदारी, वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतें पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।


    Sadhav Shipping के बारे में

    वर्ष 1996 में बनी साधव शिपिंग (पूर्व नाम होमा ऑफशोर एंड शिपिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड) पैट्रोल सर्विसेज के लिए हाई स्पीड सिक्योरिटी बोट्स मुहैया कराती है। यह पोर्ट क्राफ्ट ऑपरेट करती है। इसका कारोबार मुख्य रूप से तीन सेगमेंट में है। ऑफशोर लॉजिस्टिक्स के तहत यह ऑफशोर फील्ड्स में तेल और गैस की खोज करती है और इसे निकालती है। पोर्ट सर्विसेज के तहत यह हाई स्पीड पैट्रोल बोट्स मुहैया कराती है। ऑयल स्पिल रिस्पांस के तहत यह पोर्ट्स के लिए टियर 1 ऑयल स्पिल रिस्पांस इक्विपमेंट मुहैया कराती है। इसके पास 24 शिप्स हैं जिसमें से 19 इसके खुद के हैं।

    कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2021 में इसे 3.31 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2022 में घटकर 3.01 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि अगले ही वित्त वर्ष 2023 में यह तेजी से उछलकर 7.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 13 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 78.91 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2023 में इसे 4.01 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 33.86 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।

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