Samir Arora : देश के दिग्गज फंड मैनेजर्स में शुमार समीर अरोड़ा ने अपने 26-27 साल के करियर में पहली बार आईटी स्टॉक्स (IT stocks) के लिए कोई अलोकेशन नहीं किया है। अरोड़ा हेलियोस कैपिटल (Helios Capital) के फाउंडर और फंड मैनेजर हैं। उन्होंने मनीकंट्रोल द्वारा आयोजित और एन महालक्ष्मी (N Mahalakshmi) की मेजबानी में हुई संवत 2079 राउंडटेबिल (Samvat 2079 Roundtable) के दौरान यह खुलासा किया।
समीर अरोड़ा ने कहा, “नए साल के शुरुआती पांच-छह महीनों में, मैंने मुख्य रूप से आईटी में अलोकेशन घटाकर जीरो कर दिया। मैं अभी कुछ महीने इंतजार करूंगा और फिर इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। सेक्टर कमजोर नहीं हो सकता है, लेकिन मैं मानता हूं कि इसका प्रदर्शन दूसरे सेक्टर्स से अच्छा नहीं होगा।”
2022 में 26 फीसदी टूटा आईटी इंडेक्स
2022 में अभी तक निफ्टी आईटी इंडेक्स 26 फीसदी टूट चुका है, क्योंकि इनवेस्टर्स और एनालिस्ट्स अमेरिका और यूके में मंदी गहराने की उम्मीद कर रहे हैं। ये दोनों भारतीय आईटी सर्विसेज कंपनियों के लिए बड़े मार्केट हैं। इसका मतलब है कि कंपनियां आईटी खर्च घटाने जा रही हैं। इससे भारतीय कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ पर असर पड़ेगा।
भारत की दिग्गज आईटी कंपनियों में शुमार टीसीएस का शेयर इस कैलेंडर ईयर में 17 फीसदी, इंफोसिस 19 फीसदी और विप्रो 46 फीसदी टूट चुका है।
सेक्टर के रेवेन्यू में अमेरिका और यूरोप का अहम योगदान
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक, वित्त वर्ष 22 में भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू में अमेरिका और यूरोप का योगदान 86 फीसदी रहा है। हालांकि, अरोड़ा प्राइवेट सेक्टर के फाइनेंशियल्स, कंज्यूमर और एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों पर बूलिश हैं, जिनमें फार्मा और स्पेशियल्टी केमिकल कंपनियां आती हैं।
उन्होंने कहा, “कंज्यूमर में, मेरे स्टॉक्स ज्यादातर वहीं है जिनके लिए मैं 20 से ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद करता हूं। वे देश के मध्यम वर्ग को सेवाएं दे रही हैं।”
इस साल की शुरुआत में अरोड़ा की हेलियोस कैपिटल ने आईटीसी, लेमन ट्री, वेदांत फैशंस और कैम्पस शूज के शेयर खरीदे थे।
हालांकि अबाकस एसेट मैनेजर के सुनील सिंघानिया आईटी सेक्टर पर पॉजिटिव बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि नैस्डैक की तुलना में भारत में आईटी सेक्टर काफी अलग है।
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