FD Rates: ₹5 लाख की FD कराएं तो 1, 3 और 5 साल में कितना पैसा मिलेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

FD Rates: ₹5 लाख की FD कराने पर एक साल, तीन साल और पांच साल में कितना पैसा मिलेगा? SBI की ब्याज दरों के आधार पर समझिए पूरा हिसाब। जानिए हर अवधि में कितना ब्याज बनेगा और मैच्योरिटी पर कुल कितनी रकम मिलेगी।

अपडेटेड Oct 13, 2026 पर 6:33 AM
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अगर आप ₹5 लाख की FD तीन साल के लिए कराते हैं, तो ब्याज के साथ आपकी जमा रकम भी बढ़ती रहेगी।

अगर आपके पास ₹5 लाख हैं और आप इसे तय समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो बैंक की FD एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें तय अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है। बैंक इस रकम पर ब्याज देता है। हालांकि, FD कराने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपका पैसा कितने समय में कितना बढ़ेगा।

आइए, SBI की ब्याज दरों के आधार पर समझते हैं कि ₹5 लाख की FD कराने पर 1 साल, 3 साल और 5 साल में कितनी रकम मिल सकती है।

₹5 लाख की FD पर 1 साल में कितना मिलेगा?


मान लीजिए कि आप SBI में ₹5 लाख की FD एक साल के लिए कराते हैं। इस अवधि के लिए 6.25% सालाना ब्याज दर है। तिमाही कंपाउंडिंग के हिसाब से एक साल में करीब ₹31,990 का ब्याज बन सकता है। यानी एक साल बाद आपको कुल लगभग ₹5,31,990 मिलेंगे।

3 साल की FD में कितनी रकम बनेगी?

अगर आप ₹5 लाख की FD तीन साल के लिए कराते हैं, तो ब्याज के साथ आपकी जमा रकम भी बढ़ती रहेगी। इसे कंपाउंडिंग कहते हैं। SBI की तीन साल की FD पर 6.30% सालाना ब्याज दर के हिसाब से तीन साल में करीब ₹1,03,131 का ब्याज मिल सकता है। इस तरह मैच्योरिटी पर कुल रकम लगभग ₹6,03,131 होगी।

5 साल की FD पर कितना ब्याज मिलेगा?

अब बात पांच साल की FD की। इस अवधि में पैसा जमा रखने पर आपको लंबे समय तक ब्याज कमाने का मौका मिलता है। SBI की पांच साल की FD पर 6.05% सालाना ब्याज दर मानकर चलें, तो तिमाही कंपाउंडिंग के हिसाब से करीब ₹1,75,088 का ब्याज बन सकता है। यानी पांच साल बाद कुल रकम लगभग ₹6,75,088 हो सकती है।

₹5 लाख की FD का पूरा हिसाब

FD की अवधि जमा रकम अनुमानित ब्याज
मैच्योरिटी पर कुल रकम
1 साल ₹5,00,000 ₹31,990 ₹5,31,990
3 साल ₹5,00,000 ₹1,03,131 ₹6,03,131
5 साल ₹5,00,000 ₹1,75,088 ₹6,75,088

नोट: कैलकुलेशन SBI की उदाहरण के तौर पर बताई गई ब्याज दरों और तिमाही कंपाउंडिंग पर आधारित है। वास्तविक रकम FD खोलने की तारीख और बैंक की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है। टैक्स और TDS शामिल नहीं हैं।

FD कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

FD कराने से पहले बैंक की ब्याज दर पर ध्यान देना जरूरी है। अलग-अलग अवधि के लिए दरें अलग हो सकती हैं। साथ ही, यह भी देखें कि समय से पहले FD तोड़ने पर कितना जुर्माना लग सकता है। अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो पूरी रकम एक ही FD में जमा करने के बजाय अलग-अलग अवधि की FD करा सकते हैं।

FD से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में भी आ सकता है। इसलिए सिर्फ मैच्योरिटी की रकम देखकर फैसला न लें। टैक्स के बाद आपके पास कितनी रकम बचेगी, इस पर भी ध्यान दें।

एक साल, तीन साल या पांच साल, कौन-सी FD बेहतर है?

इसका जवाब आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आपको एक साल के भीतर पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो छोटी अवधि की FD आपके काम आ सकती है।

वहीं, अगर आप तीन या पांच साल तक पैसा नहीं निकालना चाहते, तो लंबी अवधि की FD पर मिलने वाले कुल ब्याज की तुलना कर सकते हैं। फैसला करते समय ब्याज दर के साथ अपनी जरूरत और पैसों की उपलब्धता का भी ध्यान रखना चाहिए।

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