भारत के सबसे बड़े लेंडर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयर में अभी अच्छी गुंजाइश बाकी है। शेयर के अपने पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल को पार कर जाने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म CLSA ने यह अनुमान जताते हुए इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया दोहराया है। ब्रोकरेज ने SBI के शेयरों पर "आउटपरफॉर्म" रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,275 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह टारगेट स्टॉक के क्लोजिंग प्राइस से 22% ज्यादा है।
साथ ही यह टारगेट शेयर के BSE पर 52 सप्ताह के एडजस्टेड हाई 1,234.8 रुपये से भी ज्यादा है। CLSA ने SBI के मैनेजमेंट से मुलाकात की। बातचीत में सामने आया कि SBI की लोन ग्रोथ सिस्टम के हिसाब से मजबूत रही है। इसमें रिटेल और कॉरपोरेट दोनों तरह की डिमांड का योगदान है।
SBI ने वित्त वर्ष 2027 के लिए क्रेडिट ग्रोथ 13% से 15% के बीच रहने का अनुमान जताया है और कहा है कि यह सभी सेगमेंट में व्यापक स्तर पर होगी। चेयरमैन CS सेट्टी ने कहा है कि वेस्ट एशिया में संघर्ष की वजह से कोई दबाव नहीं दिख रहा है। नए वित्त वर्ष के लिए मार्जिन को लेकर 3% का गाइडेंस बरकरार है। CLSA ने मैनेजमेंट के हवाले से कहा है कि ट्रेजरी बिल से जुड़े लोन की रीप्राइसिंग के जरिए मार्जिन गाइडेंस को हासिल किया जा सकता है।
कमजोर रहा मॉनसून तो ग्रामीण क्षेत्र से मांग पर पड़ेगा बुरा असर
बातचीत से यह भी सामने आया है कि SBI कॉर्पोरेट लेंडिंग के मामले में सोच-समझकर कदम उठा रहा है, क्योंकि उसका मकसद मुनाफे वाली ग्रोथ हासिल करना है। CLSA का कहना है कि भूराजनीतिक मोर्चे पर मैक्रो चुनौतियों के बावजूद बैंक की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है। SBI मैनेजमेंट को सिर्फ 'अल नीनो' की चिंता है। चेतावनी दी गई है कि अगर मॉनसून औसत से काफी कम रहा तो ग्रामीण क्षेत्र से मांग पर बुरा असर पड़ सकता है। SBI के शेयर पर 49 एनालिस्ट नजर रखते हैं। इनमें से 43 ने "बाय" रेटिंग दी है। 6 ने "होल्ड" की सलाह दी है।
25 जून को SBI के शेयर में 1 प्रतिशत की तेजी रही। BSE पर यह 1045.15 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 9.64 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर एक महीने में 8 प्रतिशत और एक साल में 30 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल का रिटर्न 88 प्रतिशत है। बैंक में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 55.52 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
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