SBI का मार्केट कैप 6 लाख करोड़ के पार, LIC के बाद यह मुकाम पाने वाली दूसरी PSU कंपनी

SBI Share Price : एसबीआई इस उपलब्धि को हासिल करने वाली दूसरी पब्लिक सेक्टर कंपनी बन गई है। इसके पहले यह कारनामा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने किया है। तीसरी तिमाही में SBI के नतीजे मिले-जुले रहे। मुनाफा अनुमान से कहीं ज्यादा 35% घट गया है

अपडेटेड Feb 07, 2024 पर 8:23 PM
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में आज 7 फरवरी को 4 फीसदी तक की तेजी देखी गई।
     
     
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    SBI Share Price : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में आज 7 फरवरी को 4 फीसदी तक की तेजी देखी गई। यह स्टॉक BSE पर 3.78 फीसदी बढ़कर 675.50 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्राडे में स्टॉक ने 677.50 रुपये का लेवल छू लिया, जो कि इसका 52-वीक हाई है। इस तेजी के साथ कंपनी के मार्केट कैप ने 6 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। दिन का कारोबार खत्म होने के बाद BSE पर इसका मार्केट कैप 6,02,857.54 करोड़ रुपये है। SBI इस उपलब्धि को हासिल करने वाली दूसरी पब्लिक सेक्टर कंपनी बन गई है। इसके पहले यह कारनामा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने किया है।

    क्या है PSU बैंकों में उछाल की वजह?

    हाल ही में अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए 2024-25 में 14.13 लाख करोड़ रुपये उधार लेगा। वहीं, नेट मार्केट बॉरोइंग को 11.75 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है। यह एनालिस्ट्स के 15 लाख करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक है। इसके चलते बजट डे पर भी सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी देखी गई थी। इसके अलावा, बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी के बाद कॉर्पोरेट लेंडिंग एक्टिविटी में तेजी की उम्मीद है। इसके चलते भी सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है।


    अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), अपनी फरवरी की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के दौरान एक बार फिर रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा। अगर RBI रेट घटाने के संकेत देता है तो मार्केट में उछाल आ सकता है। इस फैक्टर ने भी SBI के शेयरों लिए पॉजिटिव माहौल तैयार किया।

    कैसे रहे SBI के तिमाही नतीजे

    तीसरी तिमाही में SBI के नतीजे मिले-जुले रहे। मुनाफा अनुमान से कहीं ज्यादा 35% घटा। ब्याज से कमाई भी उम्मीद से कम 4.6% बढ़ी। हालांकि 33 तिमाहियों में एसेट क्वालिटी सबसे अच्छी रही। पिछली 7 तिमाहियों में सबसे ज्यादा लोन ग्रोथ देखने को मिली। बैंक को Q3 में 7100 करोड़ रुपये एकमुश्त मुनाफे पर दबाव का सामना करना पड़ा। पेन्शन और DA अकाउंट से एकमुश्त घाटा हुआ। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंची। Q3 में नए स्लिपेजेज 60% बढ़कर 4,960 करोड़ रुपये रहे। Q3 में प्रोविजन 6 गुना बढ़कर 687.5 करोड़ रुपये रहे।

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