SBI ने Yes Bank में अपनी 26 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के बारे में पैसला नहीं किया है। बताया जाता है कि वह इस साल इस बारे में फैसला नहीं लेगा। देश के सबसे बैंक को इस फाइनेंशियल ईयर (2022-23) के बाद यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की इजाजत है। इस खबर से यस बैंक के शेयर में सोमवार (18 जुलाई) को मजबूती आई।
मीडिया में आई खबर के मुताबिक, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए उम्मीद है कि एसबीआई यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने के बारे में इस साल फैसला नहीं लेगा। खबर में कहा गया है कि एसबीआई ने अपनी नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सब्सिडियरी SBI जनरल इंश्योरेंस को स्टॉक मार्केट में लिस्ट कराने का प्लान टाल दिया है। वह अपनी म्यूचुअल फंड इकाई एसबीआई फंड मैनेजमेंट में भी हिस्सेदारी घटाना चाहता है, लेकिन जब तक बाजार में हालात नहीं सुधरता वह ऐसा नहीं करेगा।
2020 में फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) के बाद यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी घटकर 30 फीसदी रह गई थी। अब यह 26 फीसदी है। इस साल के अंत में लॉक-इन पीरियड खत्म हो रहा है। उसके बाद यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी और घटने की उम्मीद थी। लेकिन, यह प्लान टल गया है।
एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा कि जब तक बाजार की स्थितियां सुधरती नहीं हैं, बैंक अपनी सब्सिडियरी कंपनियों की लिस्टिंग नहीं कराएगी। यस बैंक में हिस्सेदारी के बारे में उन्होंने कहा कि बोर्ड लेवल पर इस बारे में फैसला लिया जाएगा। अभी एसबीआई का मार्केट 4.3 लाख करोड़ रुपये है। एसबीआई लाइफ का मार्केट कैप 1.2 लाख करोड़ रुपये है।
सोमवार (18 जुलाई) को यस बैंक के शेयर में तेजी देखने को मिली। यस बैंक का शेयर 0.75 फीसदी चढ़कर 13.40 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर इस साल अब तक 4.63 फीसदी गिर चुका है।