Schaeffler India Share Price: Q2 में मुनाफे और रेवेन्यू की तगड़ी स्पीड, लेकिन इस मोर्चे पर लगा तगड़ा शॉक

Schaeffler India Share Price: सितंबर तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफे में तेज उछाल के बाद आज जब मार्केट खुलेगा तो शेफलर इंडिया के शेयरों पर नजर रहेगी क्योंकि एक मोर्चे पर कंपनी को तगड़ा झटका लगा है। जानिए कंपनी के लिए सितंबर कैसी रही और एक मोर्चे पर कंपनी को शॉक क्यों लगा

अपडेटेड Oct 28, 2026 पर 8:45 AM
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सितंबर 2026 तिमाही में Schaeffler India का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 20.7% बढ़कर ₹289 करोड़ से ₹349 करोड़ और रेवेन्यू 26.9% उछलकर ₹2,434.6 करोड़ से ₹3,089.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Schaeffler India Share Price: हाई-प्रिसिजन रोलर और बॉल बेयरिंग्स, इंजन सिस्टम्स, ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्रोवाइड शेफलर इंडिया के शेयरों में आज तेज हलचल दिख सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट बंद होने के बाद कंपनी ने कारोबारी नतीजे पेश किया, जिसमें सामने आया कि रेवेन्यू और मुनाफे में तेज उछाल के बावजूद इसके मार्जिन को झटका लगा। एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर यह 4.53% की बढ़त के साथ ₹3677.40 पर बंद हुआ था। इंट्रा-डे में यह 5.03% चढ़कर ₹3,695.00 तक पहुंचा था।

Schaeffler India Q2 Results: खास बाते

चालू वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर 2026 में शेफलर इंडिया का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 20.7% बढ़कर ₹289 करोड़ से ₹349 करोड़ और रेवेन्यू 26.9% उछलकर ₹2,434.6 करोड़ से ₹3,089.4 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का परफॉरमेंस मिला-जुला रहा। सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए 17.8% बढ़कर ₹537 करोड़ हो गया लेकिन मार्जिन 18.7% से 17.4% पर आ गया।


शैफ्लर इंडिया का कहना है कि मजबूत ऑटोमोटिव डिमांड और औद्योगिक उत्पादन से कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा मिला। कंपनी के निर्यात और घरेलू कारोबार, दोनों में ग्रोथ दोहरे अंकों में रही। हालांकि मार्जिन को इनपुट लागत में बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी से झटका लगा लेकिन कंपनी ने रिसोर्सेज के बेहतर इस्तेमाल के जरिए कुछ हद तक संतुलित किया।

शैफ्लर इंडिया का कहना है कि प्रमोटर अपनी मौजूदा हिस्सेदारी हल्की कर सकते हैं। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रमोटर्स का इरादा कंपनी पर अपना मुख्य नियंत्रण बनाए रखने का है, जिसके लिए वे कंपनी की कम से कम दो-तिहाई इक्विटी अपने पास रखेंगे। सितंबर 2026 के आखिरी में कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 74.13% थी।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

शेफलर इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 6 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹4,465.00 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। हालांकि शेयरों की तेजी यहीं थम गई और इस हाई लेवल से 7 ही महीने में यह 23.43% टूटकर 26 अक्टूबर 2026 को ₹3,418.85 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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