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SEBI ने कोर एसजीएफ करेंसी से इक्विटी डेरिवेटिव में ट्रांसफर करने की इजाजत दी, जानिए क्या है इसका मतलब

क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस ने SEBI से एक बार कोर एसजीएफ ट्रांसफर करने की इजाजत मांगी थी। पिछले साल मई में आरबीआई का सर्कुलर लागू होने के बाद करेंसी सेगमेंट में वॉल्यूम काफी घट गया था। उसके बाद क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस ने इस साल सेबी से यह इजाजत मांगी थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 09, 2025 पर 6:04 PM
SEBI ने कोर एसजीएफ करेंसी से इक्विटी डेरिवेटिव में ट्रांसफर करने की इजाजत दी, जानिए क्या है इसका मतलब
BSE की क्लियरिंग इकाई ICCL ने सेबी से एप्रूवल मांगी थी, जिसे रेगुलेटर ने मार्च के अंत में दे दिया।

सेबी ने क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस को कोर सेटलमेंट गारंटी फंड (एसजीएफ) के ट्रांसफर की इजाजत दी है। इसका मतलब है कि एसजीएफ को करेंसी सेगमेंट से इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रांसफर किया जा सकेगा। कोर एसजीएफ सेफ्टी नेट की तरह होता है। एसजीएफ तब मदद करता है जब क्लियरिंग ब्रोकर्स किसी वजह से अपना ऑब्लिगेशन पूरा नहीं कर पाते हैं। इससे सेटलमेंट में बाधा नहीं आती है। सेबी ने एक बार इस ट्रांसफर की इजाजत तब दी है जब एक्सचेंज ट्रेडेड करेंसी में ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी घट गई है।

क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस ने सेबी से मांगी थी इजाजत

क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस ने SEBI से एक बार कोर एसजीएफ ट्रांसफर करने की इजाजत मांगी थी। पिछले साल मई में आरबीआई का सर्कुलर लागू होने के बाद करेंसी सेगमेंट में वॉल्यूम काफी घट गया था। उसके बाद क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस ने इस साल सेबी से यह इजाजत मांगी थी। अब क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस एफएंडओ सेगमेंट में किसी तरह के शॉर्टफाल को कोर एसजीएफ से पूरा कर सकेंगी। क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस सबसे ज्यादा मंथली टेस्ट नंबर के आधार पर करेंसी कोर एसजीएफ मेंटेन करती हैं। सेबी ने इस बारे में पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए।

ICCL ने कोर एसजीएफ ट्रांसफर किया था

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