भारत में कैपिटल मार्केट्स लगातार बढ़ और मजबूत हो रहा है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने 14 मार्च को एक कार्यक्रम में यह कहा। उन्होंने कहा कि आकार बढ़ने के साथ ही मार्केट दुनिया में होने वाली घटनाओं से करीबी रूप से जुड़ता जा रहा है। इससे हम उस बदलती स्थिति में पहुंच रहा है, जिसमें मार्केट ऑपरेट कर रहा है।
मार्केट अनिश्चितता के बीच स्थिरता लाने का काम करता है
मनीकंट्रोल के ग्लोबल वेल्थ समिट 2026 में पांडेय ने कहा कि कैपिटल मार्केट्स दुनिया में अनिश्चितता के बीच स्थिरता लाने का काम करता है। फाइनेंशियल सिस्टम्स को नुकसान पहुंचाने वाले झटकों को मार्केट बर्दाश्त करता है। सबसे जरूरी यह है कि वह इनवेस्टर्स का भरोसा बनाए रखता है। एफिशियंसी फाइनेंशियल सिस्टम का आधार है। इसके बगैर कैपिटल का फ्लो मुश्किल है।
बाजार के काम करने के माहौल में तेजी से बदलाव आ रहा है
सेबी चेयरमैन ने कहा कि भारतीय बाजार जिस माहौल में काम करते हैं वह तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा, "एक बड़ा बदलाव इकोनॉमिक फ्रैगमेंटेशन है। ट्रेड कॉरिडोर्स बदल रहे हैं। सप्लाई चेन का स्ट्रक्चर बदल रहा है और इसका असर इनवेस्टमेंट फ्लो पर पड़ रहा है। दूसरा बड़ा बदलाव टेक्नोलॉजी के जरिए आ रहा है। एल्गोरिद्म ट्रेडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवान्स्ड डेटा मार्केट के काम करने की स्पीड बढ़ा रहे हैं। लिक्विडिटी के मामले में भी स्थितियां बदल रही हैं।"
आज पूंजी बहुत जल्द एक से दूसरी देश में चली जाती है
पांडेय ने कहा कि विदेशी पूंजी दुनिया में तेजी से एक से दूसरे देश में जा सकती है। लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण बदलाव इंफॉर्मेशन की स्पीड के मामले में आया है। उन्होंने कहा, "खबरें तेजी से एक से दूसरी जगह तक पहुंच रही हैं। सबसे अहम यह है कि आज इनका मार्केट पर तुरंत असर पड़ रहा है। ऐसे में पॉलिसीमेकर्स और मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए बड़ा चैलेंज यह सुनिश्चित करना है कि स्पीड का खराब असर स्टैबिलिटी पर नहीं पड़ना चाहिए।"
भारत के आर्थिक सफर में कैपिटल मार्केट्स की बड़ी भूमिका
उन्होंने कहा कि इंडिया का आर्थिक सफर जारी है। इसमें कैपिटल मार्केट्स की बड़ी भूमिका है। अगले चरण के डेवलपमेंट में बॉन्ड मार्केट की भूमिका बढ़ेगी। इंस्टीट्यूश का पार्टिसिपेशन बढ़ेगा और टेक्नोलॉजी से जुड़े इनोवेशन पर फोकस बना रहेगा। सेबी चेयरमैन ने बातें तब कही हैं, जब मध्यपूर्व में लड़ाई का असर भारत सहित दुनियाभर के बाजारों पर पड़ रहा है।