SEBI चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने कहा है कि IPO से पहले ग्रे मार्केट में गतिविधियां बढ़ना चिंता की बड़ी वजह है, लेकिन यह एक पेचीदा (Complicated) समस्या है। कानून के तहत हमें कुछ खास अधिकार हासिल है, लेकिन ये कानून लिस्टेड कंपनियों और लिस्टेड होने जा रही कंपनियों पर लागू होते हैं। कानून के तहत लिस्टेड होने जा रही कंपनी का मतलब ऐसी कंपनी से है, जिसने खुद को लिस्ट कराने के लिए औपचारिक प्रतिक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह एक नाजुक मामला है, जिसमें कंसल्टेशन पेपर पेश किए बगैर हम नहीं जाना चाहेंगे। मार्केट में लगातार आईपीओ आ रहे हैं। आरोप है कि कुछ कंपनियों के प्रमोटर्स और प्राइवेट इवेस्टर्स आईपीओ में तय शेयर की कीमत को सही साबित करने के लिए ग्रे मार्केट में कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
