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माधबी पुरी बुच ने प्री-IPO ग्रे मार्केट में एक्टिविटी बढ़ने को चिंताजनक बताया, कहा-यह एक पेचीदा समस्या है

माधबी पुरी बुच की चिंता जायज है। मार्केट में लगतार आ रहे आईपीओ के बीच कुछ प्रमोटर्स प्री-आईपीओ में ग्रे मार्केट में शेयरों की कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि कई इनवेस्टर्स ग्रे मार्केट की कीमतों को देख शेयरों की लिस्टिंग प्राइस का अंदाजा लगाते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 12, 2024 पर 10:38 AM
माधबी पुरी बुच ने प्री-IPO ग्रे मार्केट में एक्टिविटी बढ़ने को चिंताजनक बताया, कहा-यह एक पेचीदा समस्या है
माधबी पुरी बुच ने कहा कि रेगुलेटर का मानना है कि किसी चीज को पूरी तरह से रोकने की जगह जरूरत के हिसाब से उसके लिए मार्केट में जगह बनाना सही है।

SEBI चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने कहा है कि IPO से पहले ग्रे मार्केट में गतिविधियां बढ़ना चिंता की बड़ी वजह है, लेकिन यह एक पेचीदा (Complicated) समस्या है। कानून के तहत हमें कुछ खास अधिकार हासिल है, लेकिन ये कानून लिस्टेड कंपनियों और लिस्टेड होने जा रही कंपनियों पर लागू होते हैं। कानून के तहत लिस्टेड होने जा रही कंपनी का मतलब ऐसी कंपनी से है, जिसने खुद को लिस्ट कराने के लिए औपचारिक प्रतिक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह एक नाजुक मामला है, जिसमें कंसल्टेशन पेपर पेश किए बगैर हम नहीं जाना चाहेंगे। मार्केट में लगातार आईपीओ आ रहे हैं। आरोप है कि कुछ कंपनियों के प्रमोटर्स और प्राइवेट इवेस्टर्स आईपीओ में तय शेयर की कीमत को सही साबित करने के लिए ग्रे मार्केट में कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रे मार्केट में स्टॉक की कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रहे प्रमोटर्स

इनवेस्टर्स ग्रे मार्केट में स्टॉक की कीमत से उसमें डिमांड का अंदाजा लगाते हैं। इससे वे यह भी अनुमान लगाते हैं कि स्टॉक में निवेश करने पर लिस्टिंग गेंस की कितनी संभावना है। कंपनियों के आईपीओ में कीमत ज्यादा तय करने की यह एक बड़ी वजह है। बुच ने 11 मार्च को महिला पत्रकारों से बातचीत में इसे बड़ी चिंता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सेटलमेंट टाइम को T+6 से घटाकर T+3 करने का मकसद कर्ब ट्रेडिंग में कमी लाना था। उन्होंने कहा कि ग्रे मार्केट को छह दिन तक ऑपरेट करने की इजाजत क्यों दी जाए। इस पीरियड को घटाने से रेगुलेटेड मार्केट में ट्रेडिंग जल्द शुरू हो गई।

किसी चीज को रोकने की जगह उसके लिए जगह बनाना सही है

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