SEBI भी IndusInd Bank में फ्रॉड की जांच कर रहा, जानिए सेबी चीफ तुहिन कांत पांडेय ने क्या कहा

सेबी चीफ तुहिन कांत पांडेय ने 22 मई को कहा कि कैपिटल मार्केट रेगुलेटर इस बात की जांच कर रहा है कि इंडसइंड बैंक में क्या किसी नियम का उल्लंघन हुआ है। कुछ खबरों में बैंक के कुछ सीनियर अफसरों पर इनसाइडर ट्रेडिंग में शामिल होने की भी जानकारी दी गई है। इनसाइडर ट्रेडिंग को गंभीर अपराध माना जाता है

अपडेटेड May 22, 2025 पर 2:30 PM
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इंडसइंड बैंक ने 21 मई को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 18 साल बाद किसी तिमाही में बैंक को लॉस उठाना पड़ा है।

सेबी चीफ तुहिन कांत पांडेय ने इंडसइंड बैंक मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 22 मई को कहा कि कैपिटल मार्केट रेगुलेटर इस बात की जांच कर रहा है कि इंडसइंड बैंक में क्या किसी नियम का उल्लंघन हुआ है। इंडसइंड बैंक ने खुद एक नए फ्रॉड का खुलासा किया है। कुछ खबरों में बैंक के कुछ सीनियर अफसरों पर इनसाइडर ट्रेडिंग में शामिल होने की भी जानकारी दी गई है। बैंक ने मार्च में डेरिवेटिव अकाउंटिंग में लैप्सेज सकी जानकारी दी थी। अब बैंक ने माइक्रोफाइनेंस अकाउंटिंग में फ्रॉड का खुलासा किया है। इससे बैंक के ग्राहकों और निवेशकों में डरे हुए हैं।

RBI पहले से इंडसइंड बैंक मामले की जांच कर रहा

Tuhin Kanta Pandey ने दिल्ली में एक प्रोग्राम में 22 मई को कहा, "RBI इंडसइंड बैंक में अकाउंटिंग लैप्सेज की जांच कर रहा है। जहां तक इस मामले में सेबी की जांच का सवाल है तो वह जांच कर रहा है। यह आरबीआई का अधिकार क्षेत्र है। लेकिन, अगर किसी ने नियमों का गंभीर उल्लंघन किया है तो सेबी उसकी जांच कर रहा है।" सेबी चीफ के इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है। इंडसइंड बैंक पहले से ही आरबीआई की करीबी जांच के दायरे में है।


कुछ अफसरों के इनसाइडर ट्रेडिंग में शामिल होने का शक

IndusInd Bank के कई अधिकारियों के इनसाइडर ट्रेडिंग में शामिल होने की बात कही जा रही है। अगर ऐसा है तो यह SEBI के लिए बड़ा मामला बन जाता है। इनसाइडर ट्रेडिंग जैसे मामलों की जांच की जिम्मेदारी सेबी पर होती है। इनसाइडर ट्रेडिंग को बहुत गंभीर अपराध माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति या संस्था को इनसाइडर ट्रेडिंग का दोषी पाया जाता है तो सेबी उसके खिलाफ बड़ा एक्शन ले सकता है।

18 सालों बाद किसी तिमाही में बैंक को उठाना पड़ा है लॉस

इंडसइंड बैंक ने 21 मई को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 18 साल बाद किसी तिमाही में बैंक को लॉस उठाना पड़ा है। मार्च तिमाही में बैंक को 2,328.92 करोड़ रुपये का लॉस हुआ है। इसकी वजह बैंक में डेरिवेटिव अकाउंटिंग लैप्सेज और माइक्रोफाइनेंस अकाउंटिंग में फ्रॉड को माना जा रहा है। नतीजों का ऐलान करने के बाद खुद बैंक के बोर्ड के डायरेक्टर्स ने इनवेस्टर्स को बताया कि कुछ एंप्लॉयीज के फ्रॉड में शामिल होने की आशंका है।

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बैंक के चेयरमैन ने निवेेशकों और ग्राहकों को भरोसा बनाए रखने को कहा

बैंक के ऑडिट डिपार्टमेंट ने 21 मई को बताया कि बैंक के माइक्रोफाइनेंस बिजनेस में 172.58 करोड़ रुपये को फीस इनकम के रूप में दिखाया गया, जो गलत है। बैंक के चेयरमैन सुनील मेहता ने कहा कि फ्रॉड के इस मामले को बैंक ने काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बैंक फ्रॉड में शामिल एंप्लॉयीज की भूमिका और जिम्मेदारी की जांच कर रहा है। 22 मई को इंडसइंड बैंक का शेयर 2:16 बजे 0.40 फीसदी की तेजी के साथ 773 रुपये पर चल रहा था।

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