मार्केट रेगुलेटर सेबी का कहना है कि वह एंप्लॉयीज की मांगों पर विचार करने के लिए कमेटी बनाएगी। इस कमेटी में मार्केट रेगुलेटर के होल टाइम मेंबर भी शामिल होंगे। मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि कमेटी ज्यादा बेहतर परफॉर्मेंस ट्रैकिंग सिस्टम और काम के लिए बेहतर माहौल बनाने की दिशा में काम करेगी। इससे साफ है कि सेबी और इसके एंप्लॉयीज के बीच गतिरोध खत्म होने के संकेत मिल रहे हैं और रेगुलेटर एंप्लॉयीज की मांगों पर विचार करने के लिए तैयार है।
इससे पहले सेबी द्वारा 4 सितंबर को प्रेस में बयान जारी करने के बाद शेयर बाजार रेगुलेटर के एंप्लॉयीज ने अपना विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिया था। इसके बाद सेबी ने अपना बयान वापस ले लिया था। बीते 4 सितंबर को प्रेस रिलीज जारी करने के बाद सेबी ने तीन दिनों तक शांतिपूरण विरोध-प्रदर्शन किया था। कामकाज के माहौल में दिक्कत को लेकर सेबी के एंप्लॉयीज कई हफ्तों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन करने वाले एंप्लॉयीज ने होल टाइम डायरेक्टर्स से दखल देने का अनुरोध किया था। बीते 4 सितंबर को जारी विवादास्पद प्रेस रिलीज में दावा किया गया था कि एंप्लॉयीज बाहरी तत्वों के इशारे पर काम कर रहे हैं और उनकी सैलरी पहले से काफी अच्छी है, लेकिन वे कम जवाबदेही के साथ ज्यादा सैलरी की मांग कर रहे हैं।
सेबी ने 16 सितंबर को अपना बयान वापस ले लिया था। एंप्लॉयीज ने गतिरोध को खत्म करन के लिए रिलीज को वापस लेने की मांग भी रखी थी। उन्होंने कामकाज के माहौल में भी सुधार का आश्वासन मांगा था। घटनाक्रम से वाकिफ लोगों के मुताबिक, सेबी के होलटाइम सदस्यों समेत एक कमेटी तकरीबन 10 दिनों से एंप्लॉयीज के साथ बातचीत कर रही है।