SEBI ने पीआई इंडस्ट्रीज के प्रमोटर्स को ओपन ऑफर पेश करने से छूट दी, जानिए क्या है मामला

पीआई इंडस्ट्रीज की तरफ से इस साल 15 मई को शेयरों के ट्रांसफर के बारे में सेबी को अप्लिकेशन भेजा गया था। कंपनी ने कहा था कि तीन ट्रस्टों को प्रमोटर्स के शेयरों और वोटिंग राइट्स के ट्रांसफर का मकसद सिर्फ सक्सेशन प्लान को आसान बनाना है। इससे कंपनी की ओनरशिप में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा

अपडेटेड Aug 15, 2024 पर 12:18 PM
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पीआई इंडस्ट्रीज के प्रमोटर्स ने शेयरों और वोटिंग राइट्स का ट्रांसफर DoMane Family Trust, RCane Family Trust, Alpha Family Trust and Beta Family Trust को करने का प्लान दिया था।
     
     
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    सेबी ने पीआई इंडस्ट्रीज के प्रमोटर्स को ओपन ऑफर पेश करने से छूट दे दी है। दरअसल, तीन ट्रस्टों को प्रमोटर्स के शेयरों के ट्रांसफर का मकसद उत्तराधिकार (सक्सेशन) को आसान बनाना है। मार्केट रेगुलेटर ने इस बारे में 14 अगस्त को एग्जेम्प्शन ऑर्डर इश्यू कर दिया। इस बारे में सेबी को 15 मई, 2024 को अप्लिकेशन भेजा गया था। इसमें तीन ट्रस्टों को शेयरों और वोटिंग राइट्स के ट्रांसफर की जानकारी दी गई थी।

    ट्रस्टों को कितने शेयरों का होगा ट्रांसफर?

    पीआई इंडस्ट्रीज (PI Industries) के प्रमोटर्स ने शेयरों और वोटिंग राइट्स का ट्रांसफर DoMane Family Trust, RCane Family Trust, Alpha Family Trust and Beta Family Trust को करने का प्लान दिया था। सलील सिंघल और शेफाली खुशालनी 4.055 फीसदी शेयर और वोटिंग राइट्स का ट्रांसफर RCane Family Trust को करना चाहते थे। वे और 4.055 फीसदी शेयर्स दोमाने फैमिली ट्रस्ट को करना चाहते थे। मधू सिंघल और पूजा सिंघल 4.055 फीसदी शेयर अल्फा ट्रस्ट करना चाहते थे। वे और 4.055 फीसदी शेयर बीटा ट्रस्ट को करना चाहते थे।


    इससे कंपनी की शेयरहोल्डिंग पर क्या असर पड़ेगा?

    इन ट्रस्टों के लाभार्थी (beneficiaries) प्रमोटर्स के बच्चे और नातीपोते (Grandchildren) हैं। ट्रांसफर के बाद ट्रस्ट के पास 16.21 फीसदी शेयर होंगे, जबकि मयंक सिंघल, मधु सिंघल और सलील सिंघल के पास 29.87 फीसदी से थोड़ा ज्यादा शेयर होंगे। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 53.9 फीसदी शेयर बने रहेंगे। नॉन-प्रमोटर, नॉन-पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 0.01 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी।

    सेबी ने क्यों ओपन ऑफर पेश करने से छूट दी?

    सेबी के आदेश के मुताबिक, प्रमोटर्स ने यह बताया कि शेयरों का ट्रांसफर जिन ट्रस्ट्स को किया जा रहा है वे प्रमोटर्स की हिस्सेदारी का सिर्फ मिरर इमेज हैं, जिसके चलते कंपनी (PI Industries) की ओनरशिप या शेयरों के नियंत्रण या वोटिंग राइट्स में किसी तरह का बदलाव नहीं हो रहा है। सिर्फ इंडिविजुअल प्रमोटर्स या उनके निकट रिश्तेदार या वंशज उन ट्रस्ट्स के लाभार्थी हैं, जिन्हें शेयरों का ट्रांसफर किया जा रहा है। इन पर विचार करने के बाद सेबी ने कंपनी को ओपन ऑफर पेश करने के नियम से छूट देने का फैसला किया।

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    शेयरों ने दिया एक साल में 25 फीसदी रिटर्न

    PI Industries के शेयर 14 अगस्त को 0.61 फीसदी गिरकर 4,346.60 पर बंद हुए। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों में करीब 25 फीसदी इजाफा हुआ है। बीते एक महीने में शेयर 12 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

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