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बदल जाएगी एक्सपायरी के दिन की ट्रेडिंग, SEBI का प्रस्ताव एक्सपर्ट्स को आया पसंद

मार्केट में वोलैटिलिटी और मैनिपुलेशन कम करने के लिए सेबी ने CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) लाया और अब इसके बाद एक्सपायरी के दिन भारी उठा-पटक दिखने लगी तो सेबी ने फिर फीडबैक मंगाया। इसके आधार पर सेबी ने जो प्रस्ताव पेश किया है, वह मार्केट एक्सपर्ट्स को पसंद आया है। जानिए प्रस्ताव की मुख्य बातें क्या हैं और एक्सपर्ट्स को क्या पसंद आ रहा है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Sep 13, 2026 पर 4:11 PM
बदल जाएगी एक्सपायरी के दिन की ट्रेडिंग, SEBI का प्रस्ताव एक्सपर्ट्स को आया पसंद
सेबी ने तीन प्रमुख दिक्कतों पर ध्यान दिया है- कैश मार्केट के क्लोजिंग प्राइस और डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट प्राइस के बीच संबंध, इंडिकेटिव ऑक्शन प्राइस से होने वाली गड़बड़ियां और ऑक्शन प्रोसेस के दौरान ऑर्डर कैंसिल करने की दिक्कत।

बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने एक्सपायरी के दिन ट्रेडिंग के फ्रेमवर्क में बदलाव का जो प्रस्ताव पेश किया है, वह मार्केट एक्सपर्ट्स को पसंद आया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन बदलावों से क्लोजिंग ऑक्शन यानी वोलैटिलिटी यानी भारी उठा-पटक और मैनिपुलेशन यानी हेरफेर की प्रमुख वजहों को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा सेटलमेंट प्रोसेस अधिक आसान और पारदर्शी बन सकती है। मार्केट एक्सपर्ट्स का यह रुझान तब सामने आया, जब सेबी ने शनिवार को एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया, जिसमें CAS (Closing Auction Session) ने मार्केट टाइमिंग्स और डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट के तरीके में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है।

क्या है मुख्य बातें SEBI के प्रस्ताव में

डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट प्राइस को कैश मार्केट के क्लोजिंग प्राइस से अलग करना।

CAS के दौरान लाइव इंडिकेटिव इंडेक्स वैल्यू को बंद करना।

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