बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने एक्सपायरी के दिन ट्रेडिंग के फ्रेमवर्क में बदलाव का जो प्रस्ताव पेश किया है, वह मार्केट एक्सपर्ट्स को पसंद आया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन बदलावों से क्लोजिंग ऑक्शन यानी वोलैटिलिटी यानी भारी उठा-पटक और मैनिपुलेशन यानी हेरफेर की प्रमुख वजहों को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा सेटलमेंट प्रोसेस अधिक आसान और पारदर्शी बन सकती है। मार्केट एक्सपर्ट्स का यह रुझान तब सामने आया, जब सेबी ने शनिवार को एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया, जिसमें CAS (Closing Auction Session) ने मार्केट टाइमिंग्स और डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट के तरीके में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है।
