कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने उद्योगपति वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) और दो अन्य एंटिटीज को डिमांड नोटिस भेजा है। नोटिस में उनसे वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज (Videocon Industries) के शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग एक्टिविटीज के लिए करीब 1.03 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा है। सेबी ने वेणुगोपाल धूत और अन्य एंटिटीज को चेतावनी दी कि अगर वे 15 दिन के अंदर इस अमाउंट का भुगतान नहीं करेंगे, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही उनके बैंक खातों और एसेट्स को कुर्क कर दिया जाएगा।
धूत के अलावा जिन अन्य दो एंटिटीज को नोटिस भेजा गया है, वे हैं इलेक्ट्रोपार्ट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और वीडियोकॉन रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स। धूत समेत इन एंटिटीज ने सितंबर, 2021 में सेबी (Securities and Exchange Board of India) के जुर्माने का भुगतान नहीं किया, जिसके बाद ये डिमांड नोटिस जारी किए गए।
2017 में वीडियोकॉन की सिक्योरिटीज में हुई थी इनसाइडर ट्रेडिंग
वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज की सिक्योरिटीज में इनसाइडर ट्रेडिंग मानदंडों का उल्लंघन 2017 में हुआ था। सितंबर 2021 में सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए उद्योगपति धूत पर कुल 75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर धूत के अलावा, सेबी ने कंपनी के दो प्रमोटर्स इलेक्ट्रोपार्ट्स (इंडिया) और वीडियोकॉन रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स पर भी जुर्माना लगाया था। इलेक्ट्रोपार्ट्स (इंडिया) को पहले श्री धूत ट्रेडिंग एंड एजेंसीज के नाम से जाना जाता था।
सेबी ने पाया कि वीडियोकॉन रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स, इलेक्ट्रोपार्ट्स (इंडिया) और धूत ने इनसाइडर होने के नाते अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इनफॉरमेशन (UPSI) के अपने अधिकार में रहते हुए बाजार लेनदेन को अंजाम दिया था। वीडियोकॉन के शेयरों की जांच अप्रैल-सितंबर 2017 में की गई थी।
क्यों की गई इनसाइडर ट्रेडिंग
देना बैंक द्वारा वीडियोकॉन के लोन खाते को NPA के रूप में क्लासिफाई करने के बारे में जानकारी से वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमतों पर भौतिक रूप से असर पड़ सकता था और इसे UPSI माना गया था। UPSI की अवधि 1 मार्च, 2017 से 9 मई, 2017 तक थी। दोनों प्रमोटर एंटिटीज ने या तो अपने शेयर गिरवी रखे थे या UPSI अवधि के दौरान वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के अपने शेयर अन्य एंटिटीज को ट्रांसफर कर दिए थे। ऑथराइज्ड रिप्रेजेंटेटिव वेणुगोपाल धूत कंपनी के अंदर के व्यक्ति यानि कि इनसाइडर थे और उन्होंने दो प्रमोटर कंपनियों की ओर से ट्रेड किया। ये कंपनियां भी UPSI अवधि के दौरान इनसाइडर थीं।