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SEBI एएमसी के सीनियर एंप्लॉयीज को देगा बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा प्लान

सेबी ने इस बारे में ईज ऑफ वर्किंग बिजनेस ग्रुप (EODB) से चर्चा के बाद नियमों में बदलाव करने का प्लान बनाया है। अभी अभी एएमसी के सीनियर अफसरों को अपने कुल सैलरी पैकेज का 20 फीसदी निवेश उन स्कीमों में करना अनिवार्य हैं, जो उनके तहत आती हैं। 20 फीसदी अनिवार्य निवेश के नियम से एंप्लॉयीज के हाथ में आने वाली सैलरी घट जाती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 07, 2024 पर 12:36 PM
SEBI एएमसी के सीनियर एंप्लॉयीज को देगा बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा प्लान
अब एएमसी के उन एंप्लॉयीज को नियम में रियायत मिलेगी, जिनके कुल सैलरी पैकेज में नॉन-कैश कंपोनेंट की हिस्सेदारी 20 फीसदी से कम है।

सेबी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के सीनियर अफसरों के लिए अपनी ही स्कीम में अनिवार्य निवेश के नियमों में ढील देने जा रहा है। मार्केट रेगुलेटर ने इस बारे में 6 नवंबर को एक कंसल्टेशन पेपर पेश किया है। अभी एएमसी के सीनियर अफसरों को अपने कुल सैलरी पैकेज का 20 फीसदी निवेश उन स्कीमों में करना अनिवार्य हैं, जो उनके तहत आती हैं। अब एएमसी के उन एंप्लॉयीज को इस नियम में रियायत मिलेगी, जिनके कुल सैलरी पैकेज में नॉन-कैश कंपोनेंट की हिस्सेदारी 20 फीसदी से कम है।

इस वजह से नियमों में बदलाव की तैयारी

SEBI ने इस बारे में ईज ऑफ वर्किंग बिजनेस ग्रुप (EODB) से चर्चा के बाद नियमों में बदलाव करने का प्लान बनाया है। दरअसल 20 फीसदी अनिवार्य निवेश के नियम से एंप्लॉयीज के हाथ में आने वाली सैलरी घट जाती है। उधर, एंप्लॉयीज स्टॉक ऑप्शंस (ESOPs) के रूप में दिए जाने वाले नॉन-कैश कंपोनेंट से अतिरिक्त समस्या पैदा होती है। इसकी वजह यह है कि ईसॉप्स सीनियर एंप्लॉयीज को 4-5 साल के वेस्टिंग पीरियड के साथ दी जाती है। इससे पैकेज के एक बड़े हिस्से का लाभ कई साल तक एंप्लॉयी को नहीं मिलता है। उसके बाद स्कीम में 20 फीसदी के निवेश पर भी 3 साल का लॉक-इन लागू होता है। इससे सैलरी पैकेज का एक बड़ा हिस्सा 7-8 साल तक हाथ में नहीं आता है।

कम सैलरी पैकेज वाले एंप्लॉयीज को मिलेगी राहत

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