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SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया, जानें क्या हैं ये प्रस्ताव

सेबी ने डेरिवेटिव्स सेगमेंट के स्टॉक्स के लिए CAS की शुरुआत 3 अगस्त, 2026 को की थी। इस सिस्टम में बदलाव की मांग और इस बारे में कई फीडबैक मिलने के बाद सेबी ने यह प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव पर रेगुलेटर ने 3 अक्तूबर, 2026 तक सलाह मांगी है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Sep 12, 2026 पर 1:08 PM
SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया, जानें क्या हैं ये प्रस्ताव
रेगुलेटर ने CAS के दौरान मौजूदा 3 फीसदी प्राइस बैंड को बनाए रखने का प्रस्ताव दिया है।

सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। इसमें शॉर्टर ट्रांजिशन पीरियड, रिवाइज्ड मार्केट टाइमिंग्स और एक्सपायरी डेज पर डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट के लिए दो अल्टरनेटिव तरीके शामिल हैं। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की व्यवस्था अगस्त की शुरुआत में लागू हुई थी।

पहले और दूसरे विकल्प की खास बातें

पहले विकल्प के तहत एक्सपायरी सेटलमेंट प्राइस ब्लेंडेड वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) पर आधारित होगा। इसका कैलकुलेशन कंटिन्यूअस ट्रेडिंग के अंतिम 30 मिनट्स और 10 मिनट्स के CAS के आधार पर होगा। दूसरे विकल्प में अंतरिम उपाय के तहत सिर्फ 30 मिनट के कंटिन्यूअस ट्रेडिंग VWAP के इस्तेमाल का प्रस्ताव है।

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