SEBI के पैनल ने फैमिली अरेंजमेंट्स को टेकओवर के नियमों से छूट देने के प्रस्ताव को रिजेक्ट किया, जानिए क्या है पूरा मामला

SEBI के पैनल ने फैमिल अरेंजमेंट्स के मामले में शेयरों के आपस में ट्रांसफर के चलते ओपन ऑफर पेश करने के नियम से छूट देने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। सेबी के प्रस्ताव में कहा गया था कि फैमिली सेटलमेंट्स या अरेंजमेंट्स के तहत शेयरों के ट्रांसफर को ओपन ऑफर की जरूरत से छूट दी जा सकती है

अपडेटेड Jan 16, 2026 पर 3:15 PM
Story continues below Advertisement
पैनल का मानना है कि हर फैमिली अरेंजमेंट अपने आप में अलग होता है। इन्हें एक समान फ्रेम में रखना मुमकिन नहीं है।

सेबी के एक पैनल ने फैमिली अरेंजमेंट को टेकओवर के नियमों से पूरी तरह छूट देने के प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया है। पैनल का मानना है कि ऐसी डील बहुत जटिल होती है और उनका स्वरूप भी अलग-अलग होती है। इसलिए उन्हें टेकओवर नियमों से पूरी तरह से छूट नहीं दी जा सकती। सूत्रों ने बताया कि पैनल ने फंड टू फंड ट्रांसफर और प्राइमरी इश्यूएंस के मामले में ओपन ऑफर पेश करने से छूट देने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है।

सेबी ने फैमिली अरेंजमेंट्स को टेकओवर नियमों से छूट का प्रस्ताव दिया था

SEBI के पैनल ने फैमिल अरेंजमेंट्स के मामले में शेयरों के आपस में ट्रांसफर के चलते ओपन ऑफर पेश करने के नियम से छूट देने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। कमेटी का मानना था कि फैमिली अरेंजमेंट्स में कई प्रावधान हो सकते हैं। इसमें लिस्टेड कंपनियों के शेयर सहित कई तरह के राइट्स, लायबिलिटीज, एंटाइटलमेंट एंड एसेट्स से जुड़े मसले शामिल होते हैं।


सिर्फ कोर्ट की इजाजत से टेकओवर नियमो का पालन सुनिश्चित नहीं होता

इससे भी महत्वपूर्ण यह कि ऐसे अरेंजमेंट्स में थर्ड पार्टी से जुड़े क्लॉज शामिल हो सकते हैं, जिससे माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो सकती है। पैनल का मानना था कि सिर्फ कोर्ट की इजाजत से सेबी के टेकओवर नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं होता। इसकी वजह यह है कि कोर्ट के लिए हमेशा टेकओवर कोड्स के प्रावधानों पर विचार करना जरूरी नहीं होता है।

सभी फैमिली अरेंजमेंट्स को एक समान फ्रेम में नहीं रखा जा सकता

पैनल का मानना है कि हर फैमिली अरेंजमेंट अपने आप में अलग होता है। इन्हें एक समान फ्रेम में रखना मुमकिन नहीं है। इसलिए हर मामले की अलग रेगुलेटरी जांच जरूरी है। इस वजह से पैनल ने टेकओवर कोड के रेगुलेशन 10 के तहत फैमिली अरेंजमेंट्स को एग्जेमप्ट कैटेगरी में रखने के प्रस्ताव के खिलाफ अपनी राय दी।

सेबी ने कुछ शर्तों के साथ फैमिली अरेंजमेंट्स को एग्जेमप्शन का प्रस्ताव दिया था

सेबी ने इस बारे में जो प्रस्ताव पेश किया था, उसमें कहा गया था कि फैमिली सेटलमेंट्स या अरेंजमेंट्स के तहत शेयरों के ट्रांसफर को ओपन ऑफर की जरूरत से छूट दी जा सकती है। इसके लिए शर्त यह होगी कि अरेंजमेंट्स औपचारिक (formal) होने चाहिए और किसी सक्षम अथॉरिटी से एप्रूव्ड होने चाहिए। ऐसे ट्रांसफर में लिस्टेड कंपनियों के शेयर्स सहि सिर्फ फैमिली में एसेट्स का रीडिस्ट्रिब्यूशन शामिल होता है। सुरक्षा को ध्यान में रख सेबी ने सुझाव दिया था कि लिस्टेड कंपनी को कंट्रोल करने वाली फैमिली नहीं बदलनी चाहिए। लेकिन, पैनल ने सेबी के प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया।

यह भी पढ़ें: NSE IPO के लिए इसी महीने मिल सकता है NOC, SEBI चीफ ने फिर जताई उम्मीद; IFCI के शेयर 12% तक चमके

सेबी के पैनल ने फंडों के बीच शेयरों के ट्रांसफर पर भी इसी तरह का रुख अपनाया 

पैनल ने फंडों के बीच शेयरों के ट्रांसफर पर भी इसी तरह का रुख अपनाया। उसने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया दिया, जिसमें कंट्रोलिंग स्ट्रक्चर अपरिवर्तित रहने से एग्जेम्प्श की मांग की गई थी। पैनल का मानना था कि हर फंड अलग है। उन्हें अलग व्यक्ति या अलग एनटिटी की तरफ से मैनेज किया जाता है। कई मामलों में सही कंट्रोल स्ट्रक्चर का पता लगाना मुश्किल होता है। उसका मानना था कि एग्जेमप्शंस देने से टेकओवर कोड का एनफोर्समेंट आर्किटेक्चर कमजोर हो सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।