सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। इसमें शॉर्टर ट्रांजिशन पीरियड, रिवाइज्ड मार्केट टाइमिंग्स और एक्सपायरी डेज पर डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट के लिए दो अल्टरनेटिव तरीके शामिल हैं। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की व्यवस्था अगस्त की शुरुआत में लागू हुई थी।
पहले और दूसरे विकल्प की खास बातें
पहले विकल्प के तहत एक्सपायरी सेटलमेंट प्राइस ब्लेंडेड वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) पर आधारित होगा। इसका कैलकुलेशन कंटिन्यूअस ट्रेडिंग के अंतिम 30 मिनट्स और 10 मिनट्स के CAS के आधार पर होगा। दूसरे विकल्प में अंतरिम उपाय के तहत सिर्फ 30 मिनट के कंटिन्यूअस ट्रेडिंग VWAP के इस्तेमाल का प्रस्ताव है।
IIV के डिसिमिनेशन को डिसकंटिन्यू करने का प्रस्ताव
सेबी ने इंडिकेटिव इंडेक्स वैल्यू (IIV) के डिसिमिनेशन को डिसकंटीन्यू करने का प्रस्ताव दिया है। IIV क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान इंडिकेटिव इक्विलिबरियम से निकलता है। सेबी ने कहा है कि इंडिकेटिव इंडेक्स वैल्यू को गलती से एक्चुअल इंडेक्स लेवल माना जा सकता है। इससे एग्जिक्यूटेड ट्रेड्स को रिप्रजेंट नहीं करने के बावजूद इसका असर ट्रेडिंग डिसिजंस पर पड़ सकता है।
मार्केट टाइमिंग से जुड़े मुख्य प्रस्ताव
मार्केट टाइमिंग्स के मामले में एक प्रस्ताव CAS स्टॉक्स में कंटिन्यूअस ट्रेडिंग 3:30 तक बढ़ाने, 3:31 और 3:40 के बीच ऑक्शन कंडक्ट करने और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग 3:45 तक होने देने की इजाजत है। दूसरे विकल्प में कहा गया है कि CAS स्टॉक्स के लिए 3:15 कट-ऑफ टाइम बना रहेगा। ऑक्शन 3:25 तक खत्म हो जाएगा, जबकि डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग 3:30 पर खत्म होगी।
3 फीसदी का प्राइस बैंड बना रह सकता है
सेबी ने कंटिन्यूअस ट्रेडिंग CAS के बीच के ट्रांजिशन पीरियड भी घटाने का प्रस्ताव दिया है। इसे पांच मिनट से घटाकर 1 मिनट किया जा सकता है। पोस्ट-CAS डेरिवेटिव्स ट्रे़डिंग विंडो को 10 मिनट से घटाकर 5 मिनट करने का प्रस्ताव है। रेगुलेटर ने CAS के दौरान मौजूदा 3 फीसदी प्राइस बैंड को भी बनाए रखने का प्रस्ताव दिया है।
3 अगस्त को हुई थी CAS की शुरुआत
सेबी ने डेरिवेटिव्स सेगमेंट के स्टॉक्स के लिए CAS की शुरुआत 3 अगस्त, 2026 को की थी। इस सिस्टम में बदलाव की मांग और इस बारे में कई फीडबैक मिलने के बाद सेबी ने यह प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव पर रेगुलेटर ने 3 अक्तूबर, 2026 तक सलाह मांगी है।