Insider Trading Regulations: अगर किसी शख्स को किसी शेयर के भाव में उतार-चढ़ाव के बारे में पहले से पता चल जाए तो वह इसका अवांछित फायदा उठा सकता है। ऐसे में इसे लेकर सेबी ने नियम-कायदे भी तय किए हैं ताकि जिनके पास यह जानकारी हो, उन्हें इसका इस्तेमाल करने से रोका जाए। अब सेबी ने इस नियम के तहत और भी लोगों को लाने का प्रस्ताव रखा है यानी कि अगर कोई शख्स किसी ऐसे पेशे में या पद पर है, जहां कोई संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक होने से पहले, उसे पता हो तो उससे जुड़े कितने लोगों को इनसाइडर ट्रेडिंग के नियमों के तहत लाकर उस जानकारी का फायदा उठाने से रोका जाए। इसे लेकर सेबी ने सेबी (प्रॉहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशंस के तहत जुड़े लोगों यानी कनेक्टेड पर्सन की परिभाषा में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। सेबी ने प्रस्ताव पर 18 अगस्त तक पब्लिक कमेंट मांगे हैं।
क्या होते हैं कनेक्टेड पर्सन?
कनेक्टेड पर्सन ऐसे लोग होते हैं, जिनके पास प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसी संवेदनशील जानकारियों का एक्सेस होता है, जो अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं यानी कि उनके पास अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसेटिव इंफॉर्मेशन (UPSI) का एक्सेस होता है। यह एक्सेस उनके रोजगार या पेशे की वजह से होता है या उनके किसी निकट सहयोगी जैसे कि माता-पिता, भाई-बहन और बच्चे के किसी ऐसे रोजगार या पेशे की वजह से होता है यानी कि अभी कनेक्टेड पर्सन में शख्स के साथ इमीडीइट रिलेटिव्स आते हैं।
SEBI क्या बदलाव करना चाहती है Connected Persons की सूची में?
सेबी ने कनेक्टेड पर्सन की सूची का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। 29 जुलाई को पेश अपने कंसल्टेशन पेपर में सेबी ने रेगुलेशन 2(1) (डी) के तहत 'इमीडीइट रिलेटिव' को बदलकर 'रिलेटिव' करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत अब जीवनसाथी के भाई-बहन, माता-पिता के भाई-बहन के साथ-साथ पीढ़ी के सभी लोग और उनके जीवन-साथी को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।