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F&O Trading: ऑप्शंस ट्रेडिंग में होगा बड़ा बदलाव! ट्रेडर्स को राहत देने के लिए SEBI का नया प्रस्ताव

F&O Trading: मार्केट रेगुलेटर SEBI ने ऑप्शंस ट्रेडिंग को आसान बनाने के लिए नया प्रस्ताव रखा है। इसके तहत एक्सचेंजों को बाजार की चाल के हिसाब से नए स्ट्राइक प्राइस जोड़ने और पुराने हटाने की ज्यादा आजादी मिल सकती है। इससे ट्रेडर्स को तेज उतार-चढ़ाव के दौरान राहत मिलने की उम्मीद है। जानिए पूरी डिटेल।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड May 25, 2026 पर 9:56 PM
F&O Trading: ऑप्शंस ट्रेडिंग में होगा बड़ा बदलाव! ट्रेडर्स को राहत देने के लिए SEBI का नया प्रस्ताव
SEBI के प्रस्ताव के मुताबिक सभी स्टॉक एक्सचेंजों को ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए स्पष्ट नियम बनाने होंगे।

F&O Trading: कैपिटल मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ऑप्शंस ट्रेडिंग को आसान बनाने के लिए नया प्रस्ताव रखा है। इसके तहत स्टॉक एक्सचेंजों को स्ट्राइक प्राइस तय करने और उन्हें बाजार की जरूरत के हिसाब से जोड़ने या हटाने में ज्यादा लचीलापन मिलेगा। इसका मकसद तेज उतार-चढ़ाव के दौरान भी ट्रेडिंग को सुचारु बनाए रखना है। मनीकंट्रोल ने 28 अप्रैल को सबसे पहले बताया था कि सेबी इस तरह के बदलाव पर विचार कर रहा है।

क्या होता है स्ट्राइक प्राइस?

स्ट्राइक प्राइस वह तय कीमत होती है, जिस पर किसी ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट के तहत शेयर या इंडेक्स को खरीदा या बेचा जा सकता है। ट्रेडर बाजार की दिशा के हिसाब से अलग-अलग स्ट्राइक प्राइस चुनते हैं। कई निवेशक इनका इस्तेमाल अपने निवेश को जोखिम से बचाने के लिए भी करते हैं। इसलिए पर्याप्त स्ट्राइक प्राइस उपलब्ध होना जरूरी माना जाता है।

सेबी ने कहा कि कई बार बाजार में दिन के दौरान बहुत तेज बढ़त या गिरावट आती है। ऐसे में कीमतें उपलब्ध सबसे दूर के स्ट्राइक प्राइस से भी आगे निकल जाती हैं। इससे ट्रेडर्स को मनचाहे कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिल पाते। नतीजतन ट्रेडिंग करना मुश्किल हो जाता है।

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