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SEBI ने उन मामलों की जानकारी नहीं दी जिनसे माधबी पुरी बुच ने हितों के टकराव की वजह से खुद को अलग कर लिया था

आरटीआई एक्ट के तहत सेबी से उन मामलों की जानकारी मांगी गई थी, जिनसे सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच ने संभावित हितों के टकराव की वजह से खुद को अलग कर लिया था। सेबी ने कहा है कि उसके पास यह जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं है और इसे हासिल करने में उसका काफी समय बर्बाद हो सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 21, 2024 पर 9:57 AM
SEBI ने उन मामलों की जानकारी नहीं दी जिनसे माधबी पुरी बुच ने हितों के टकराव की वजह से खुद को अलग कर लिया था
SEBI ने बुच के उस डिक्लेरेशन की कॉपी देने से भी इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने सरकार और सेबी के बोर्ड को अपने और अपने परिवार के फाइनेंशियल एसेट्स और शेयरों में निवेश के बारे में बताया था।

सेबी ने उन मामलों की जानकारी देने से इनकार कर दिया है, जिनसे सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच ने हितों की टकराव की वजह से खुद को अलग कर लिया था। एक आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में सेबी ने ऐसा क्या है। मार्केट रेगुलेटर ने 20 सितंबर को कहा कि ये मामलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं है और इस तरह के मामलों का पता लगाने में उसके संसाधनों की बर्बादी होगी। सेबी ने ट्रांसपेरेंसी एक्टिविस्ट कोमोडोर लोकेश बत्रा (रिटायर्ड) के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी है।

एसेट्स के डिक्लरेशन की कॉपी देने से भी इनकार

SEBI ने बुच के उस डिक्लेरेशन की कॉपी देने से भी इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने सरकार और सेबी के बोर्ड को अपने और अपने परिवार के फाइनेंशियल एसेट्स और शेयरों में निवेश के बारे में बताया था। मार्केट रेगुलेटर ने कहा है कि ये व्यक्तिगत जानकारियां हैं और उनका खुलासा करने से व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। सेबी ने यह भी नहीं बताया कि बुच की तरफ से ये डिक्लरेशन किस तारीख को किए गए थे।

मार्केट रेगुलेटर ने कहा मांगी गई जानकारियां व्यक्तिगत हैं

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