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SEBI Report on SME IPO: छोटी कंपनियों ने बैंकों के साथ मिलकर की आईपीओ में खेल! सेबी की जांच में बड़ा खुलासा

SME IPOs News: प्राइम डेटा बेस के मुताबिक वित्त वर्ष 2024 में 205 छोटी कंपनियों के 6 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ आए थे जबकि वित्त वर्ष 2023 में 125 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 2200 करोड़ रुपये ही जुटाए थे। इस साल अप्रैल-अगस्त 2024 में 105 छोटी कंपनियों के 3500 करोड़ रुपये के आईपीओ आए जिसमें से दो-तिहाई से अधिक को तो भारी सब्सक्रिप्शन मिला। इस महीने सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी अश्वनी भाटिया ने कहा था कि SME के आईपीओ को लेकर जल्द ही सख्त नियम लाए जाएंगे

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 24, 2024 पर 4:05 PM
SEBI Report on SME IPO: छोटी कंपनियों ने बैंकों के साथ मिलकर की आईपीओ में खेल! सेबी की जांच में बड़ा खुलासा
SEBI Report on SME IPO: एसएमईज के आईपीओ को लेकर सेबी (SEBI) ने इस साल की शुरुआत में जांच शुरू की थी और इसमें फोकस इस बात पर था कि बैंकों ने कितनी फीस ली।

SEBI Report on SME IPO: आईपीओ मार्केट में पिछले कुछ समय से काफी चहल-पहल दिख रही है। हालांकि इसके चलते अनियमितताएं भी बढ़ी हैं। SME की लिस्टिंग को लेकर इसके चलते नियम भी बना दिया कि अब एसएमई के शेयर अधिकतम 90 फीसदी प्रीमियम पर ही लिस्ट हो सकते हैं। इसके अलावा बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने एसएमईज के आईपीओ को लेकर 6 घरेलू इनवेस्टमेंट बैंकों की जांच की। सेबी की इस जांच के बारे में न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को सूत्रों ने बताया। जानकारी के मुताबिक सेबी ने इस साल की शुरुआत में जांच शुरू की थी और इसमें फोकस इस बात पर था कि बैंकों ने कितनी फीस ली।

कितनी फीस वसूल रहे इनवेस्टमेंट बैंक?

सूत्रों ने जो जानकारी दी, उसके मुताबिक सेबी ने अपनी जांच में पाया कि कम से कम आधा दर्जन छोटे निवेश बैंकों ने कंपनियों से IPO के जरिए जुटाए गए पैसों का 15% फीस के रूप में ले लिया। यह देश में 1-3 फीसदी के स्टैंडर्ड फीस से बहुत ही अधिक है। हालांकि यह नहीं पता चल पाया कि इस मामले में किन बैंकों की जांच हुई है। देश में 60 से अधिक इनवेस्टमेंट बैंक हैं जो एसएमई आईपीओ पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। सूत्र ने यह भी बताया कि सेबी ने ऑडिटर्स और एक्सचेंजों को चौकन्ना रहने को कहा है ताकि उन कंपनियों की लिस्टिंग को रोका जा सके, जिनके आईपीओ ड्राफ्ट में जानकारी उन्हें सही नहीं लग रही है। सेबी 12-15 बिंदुओं पर काम कर रही है।

SEBI ने जांच क्यों शुरू की?

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