SEBI के सख्त नियमों से बदल रही फिनफ्लूएंसर्स की दुनिया, जानिए इस बदलाव की दिलचस्प कहानी

सेबी के नए नियमों के बाद फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर्स के लिए तीन रास्ते बच गए हैं। इनमें रिसर्च एनालिस्ट (आरए), रिसर्च इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (RIA) और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूशन शामिल हैं। SEBI ने फाइनेंशियल एडवाइस देने वाले हर व्यक्ति के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है

अपडेटेड Feb 24, 2026 पर 8:09 PM
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सेबी के नए नियम इनवेस्टर्स के हित में हैं।

सेबी ने फाइनेंशियल एडवाइस के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इसका असर डिजिटल फाइनेंशियल एडवाइजर्स पर काफी ज्यादा पड़ा है। रेगुलेटर के नए नियमों के बाद फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर्स के लिए तीन रास्ते बच गए हैं। इनमें रिसर्च एनालिस्ट (आरए), रिसर्च इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (RIA) और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूशन शामिल हैं।

फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सिर्फ 2-3 रास्ते बच गए हैं

हाल में वायु कैपिटल शुरू करने वाले फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर शशांक उडुपा ने कहा कि अगर आप फाइनेंशियल इनफ्लूएंसर्स हैं तो आपके लिए सिर्फ दो या तीन रास्तों के अलावा दूसरा कोई रास्ता अब नहीं रह गया है। कई फाइनेंशियल इनफ्लूएंसर्स बदलती स्थितियों के साथ खुद को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। कंटेंट क्रिएट करने पर उन्होंने काफी समय खर्च किया है। वे अपनी मेहनत को बेकार नहीं जाने देना चाहते।


फोकस सब्सक्रिप्शन और रिसर्च आधारित प्रोडक्ट्स पर

फाउंडर शरण हेगड़े का 1% Club उन शुरुआती फिनफ्लूएंसर आधारित प्लेटफॉर्म में शामिल है, जिन्होंने RIA लाइसेंस हासिल किए हैं। उडुपा का रास्ता भी ज्यादातर इसी तरह का है, बल्कि कुछ मामले में यह अलग है। उन्होंने ऐसा RA का रास्ता चुना, जिसमें फोकस सब्सक्रिप्शन और रिसर्च आधारित प्रोडक्ट्स पर है। वह अगले साल से पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) की शुरुआत करना चाहते हैं। उनकी पहली कोशिश अक्तूबर 2025 में इंडिविजुअल आरए प्रैक्टिस शुरू करने की थी।

फाइनेंशियल एडवाइस देने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

SEBI ने फाइनेंशियल एडवाइस देने वाले हर व्यक्ति के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद उडुपा को पिछले साल जून में आरए का लाइसेंस लेना पड़ा। उसके बाद उन्होंने ज्यादा स्ट्रक्चर्ड सेटअप पर फोकस किया। वायु कैपिटल लॉन्च किए उन्हें 6 महीने हो गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने एक साल के लिए 1,000 कस्टमर्स का टारगेट रखा था... लेकिन यह टारगेट 30 दिन में ही पूरा हो गया।"

सब्सक्राइबर्स की बढ़ रही संख्या

उडुपा के अभी 1,800 सब्सक्राइबर्स हैं और उनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AU) 25 करोड़ रुपये है। उन्होंने यह सब 6 महीने से कम समय में हासिल किया है। बेंगलुरु में उनकी 12 लोगों की टीम है। अब वह इंडिविजुअल आरए से कॉर्पोरेट आरए बनना चाहते हैं। कॉर्पोरेट आरए बनने से उनके लिए नियम थोड़े आसान हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले से हमारे स्मॉलकेस साइड से काफी कस्टमर्स हैं। हम पीएमएस के रास्ते पर भी बढ़ना चाहते हैं।

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नियम कड़े होने के बावजूद मौके मौजूद

उन्होंने बताया कि आज यूट्यूब पर कंटेंट देखने वाली आडियंस पहले से ज्यादा मैच्योर है। सेबी के नियमों से फर्क पड़ा है। लेकिन मौके अभी भी हैं। वह अपने यूट्यूब चैनल को एक रियल एस्टेट एसेट मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह मेरा सबसे अच्छा प्रदर्शन वाला एसेट है। यह सफर शुरू हुए करीब छह साल हो गया है। यह सफर काफी थकाऊ रहा है। लेकिन, मैं तब तक इसे जारी रखूंगा जब तक मेरा फंड के खास लेवल तक नहीं पहुंच जाता। उन्हें एक साल में सब्सक्राइबर्स की संख्या 3000 तक पहुंच जाने की उम्मीद है। इससे रेवेन्यू 2.5 से 3 करोड़ तक रह सकता है।

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