कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO में देरी करने वाले मुद्दों की जांच करेगा। 24 मार्च को SEBI के बोर्ड की मीटिंग के बाद चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि SEBI, NSE IPO का रीअसेसमेंट करने के लिए तैयार है। इस IPO का लंबे वक्त से इंतजार हो रहा है। ऐसे में SEBI चीफ का यह कमेंट इसकी लॉन्चिंग को नई रफ्तार मिलने की ओर संकेत करता है। पांडेय ने कहा, 'हम NSE IPO के प्रस्ताव पर विचार करेंगे। हम इससे जुड़े इश्यूज पर गौर करेंगे और इस बात पर भी कि इसे कैसे आगे बढ़ा सकते हैं।"
NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO 8 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है। NSE ने दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। पिछले साल अगस्त में, NSE ने अपने प्रस्तावित IPO के लिए SEBI से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था। यह मामला अभी भी SEBI के पास पेंडिंग है।
NSE IPO के मामले में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। यहां तक कि दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिसमें एक्सचेंज के पब्लिक इश्यू को इजाजत देने के लिए SEBI को निर्देश देने की मांग की गई है।
वैल्यूएशन में भारी बढ़ोतरी के बाद IPO को लेकर दिलचस्पी बढ़ी
NSE के शेयरधारकों की संख्या 31 दिसंबर, 2021 को 1941 थी। 31 दिसंबर 2023 को यह 11,274 और 31 दिसंबर, 2024 को लगभग 20,500 थी। NSE की वैल्यूएशन में भारी बढ़ोतरी के बाद इसके IPO को लेकर दिलचस्पी बढ़ गई है। 2024 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 लिस्ट के अनुसार, NSE की वैल्यूएशन 201% बढ़कर 4.7 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। अपने प्रयासों के बावजूद, IPO की टाइमलाइन पर कोई स्पष्टता नहीं है। प्रस्ताव पर SEBI का नया नजरिया प्रक्रिया को बहुत जरूरी दिशा दे सकता है।